बागपत में सूटकेस में जलती मिली युवती की लाश।
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मनीषा और उसके भाई मनीष उर्फ विवेक चौहान के नाम करीब चार करोड़ रुपये की प्रोपर्टी है। उस प्रॉपर्टी को तभी बेचा जा सकता था, जब कागजों पर दोनों के हस्ताक्षर होते। मनीष के बार-बार कहने के बाद भी मनीषा प्रॉपर्टी के कागजों पर हस्ताक्षर नहीं करती थी और प्रॉपर्टी बेचने का विरोध करती थी। जिसको लेकर मनीषा की भाई मनीष उर्फ विवेक ने अपनी पत्नी शिखा और पत्नी के प्रेमी पवन निवासी सिसाना के साथ मिलकर हत्या कर दी। जिसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए सूटकेस में बंद करके पवन बागपत पहुंचा और श्मशान घाट के पास जला दिया। लेकिन गांव वालों का आवागमन होने पर शव को अधजला छोड़कर भाग गया। पुलिस ने गिरफ्तार किये गये दोनों हत्यारोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। जबकि तीसरे आरोपी पवन की तलाश में दबिश दी जा रही है।