केस नंबर एक
ककौरखुर्द गांव के महावीर पुत्र बदन सिंह ने बताया कि उसने गांव के एक व्यक्ति को कृषि भूमि बटाई पर दी थी। तीन साल से उक्त व्यक्ति फसल बेच रहा है, लेकिन आज तक एक फूटी-कौड़ी नहीं दी। पैसे मांगने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देता है। तहसील दिवस में कई बार प्रार्थना पत्र दे चुका हूं।
केस नंबर दो
जगपाल पुत्र धुली सिंह निवासी बेगमाबाद गढ़ी ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति से नौ साल पहले बैनामा कराकर एक मकान किया था, लेकिन अब गांव के कुछ ग्रामीण संबंधित लेखपाल से मिलीभगत कर उक्त मकान को अवैध कब्जे के रूप मेें दर्शा रहे हैं। विरोध करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे है, लेकिन तहसील दिवस में कई बार शिकायती पत्र देने के बाद भी आज तक कोई हल नहीं निकला।
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केस नंबर तीन
वीरसैन पुत्र वेद सिंह चार बार तहसील दिवस में शिकायत लेकर आ चुका है। वीरसैन ने बताया कि आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। मात्र आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। शनिवार को फिर से वह तहसील दिवस में शिकायत लेकर आया। पीड़ित ने बताया कि गांव के कुछ लोग पंचायतघर की बंजर भूमि पर अवैध कब्जा किएं हुए है, वहां पर गोबर डालते हैं और मवेशी बांधते है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की।
तहसील दिवस में शिकायत लेकर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समय अवधि में समाधान कराया जा रहा है, जो आबादी के मामले में हैं केवल वे लंबित चल रहे है, उनका भी समाधान कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि डीएम के आदेशों पर आठ टीमों को मौके पर भेजकर छह शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया है। - सुभाष सिंह एसडीएम बड़ौत।