मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे बंद होने के बाद गांवों के रास्तों से आवागमन कराए जाने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई। इससे गांवों के रास्तों पर जाम लग गया और कई वाहन खेतों में गिर गए। खेतों में गिरे वाहनों को निकलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर अग्रवाल मंडी टटीरी में रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद हाईवे पूरी तरह बंद कर दिया गया। हल्के वाहनों को गांवों के छोटे और चकरोड़ के रास्तों से भेजा जा रहा है। बागपत-मेरठ हाईवे से शुगर मिल के बराबर से बाघू जाने वाले मार्ग पर रविवार को कई वाहन खेतों में गिरे मिले। इनके चालक वाहनों को खेतों से निकालने में मशक्कत करते नजर आए। खेत में वाहनों के गिरने के बाद जाम की स्थिति बन गई। इसके अलावा अंडरपास के समीप भी यहीं हाल मिला। उधर, सूरजपुर महनवा गांव के रास्ते पर एक किलोमीटर से अधिक लंबा जाम लगा रहा।
भीड़ बढ़ी तो खेतों में जाने को किसान भी परेशान
हाईवे बंद होने के बाद गांवों के रास्तों पर वाहनों की भीड़ बढ़ गई। इससे जगह-जगह जाम की समस्या बनी हुई है। इसके चलते गांवों के किसानों को भी खेतों में जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए
रूट डायवर्जन लागू होने के बाद गांवों के रास्तों पर आमने-सामने से आने वाले वाहनों से जाम लग रहा है। वाहनों का आवागमन सुचारू कराने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए और दूसरे मार्गों का डायवर्जन प्लान लागू किया जाए। - कुलदीप कौशिक, राहगीर।
क्षतिग्रस्त हो रहे वाहन
छोटे रास्तों से वाहनों को निकलवाने से परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में वाहन आपस में टकराकर और खेतों में गिरकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। वाहनों के सही प्लान तैयार कर जारी किया जाए, इससे परेशानी न हो। - रमेश दत्त शर्मा, राहगीर।
ये बोले अधिकारी
हाईवे बंद होने के बाद रूट डायवर्जन प्लान जारी कर दिया गया था। उसी के अनुसार वाहनों को निकलवाया जा रहा है। अगर कोई दिक्कत है तो टीम को भेजकर समाधान कराया जाएगा। - सुभाष सिंह, एडीएम।