बागपत। जिले के बासौली गांव में स्टेडियम का निर्माण जल्द पूरा होने वाला है। जिससे खिलाड़ियों को कई खेलों का प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। इससे प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए दिल्ली या हरियाणा का रुख नहीं करना पड़ेगा।
ये मिलेंगी सुविधाएं
स्टेडियम में इंडोर हॉल के अतिरिक्त, स्वीमिंग पूल, बास्केट बॉल, वालीबॉल, बैडमिंटन, कुश्ती, टेनिस आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंडोर हॉल और बास्केटबॉल कोर्ट का काम पूरा हो चुका है। अब मैदान और ट्रैक तैयार किए जा रहे हैं। करीब दस बीघा भूमि में श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन अंतर्गत खेल स्टेडियम बनाया जा रहा है। जिसमें बासौली के आसपास के कई गांवों के युवाओं को अभ्यास करने के लिए प्लेटफार्म मिलेगा।
जिले में नहीं प्रतिभाओं की कमी
सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह का कहना है कि जिले के निशानेबाज और पहलवान राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर चुके हैं। बागपत में सात अर्जुन अवार्डी हैं। इसके बावजूद खिलाड़ियों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं हैं। ऐसे में उन्हें अभ्यास के लिए दिल्ली और हरियाणा जाना पड़ता है। इसलिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजना अंतर्गत सिलाना क्लस्टर में आठ गांवों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इन्हीं में से बासौली गांव में स्टेडियम बनाया जा रहा है।
ये हैं जिले के अर्जुन अवार्डी
मलकपुर के पहलवान सुभाष तोमर को 1987 में पहला अर्जुन अवार्ड मिला। वह लगातार 15 बार हिंद केसरी रहकर अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने।
जौहड़ी के एयर पिस्टल शूटर विवेक सिंह को 1999 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। कॉमनवेल्थ गेम में स्वर्ण और रजत पदक विजेता विवेक सिंह के पिता डॉ. राजपाल सिंह निशानेबाज के कोच रहे हैं।
मलकपुर के पहलवान शोकेंद्र तोमर को साल 2003 में अर्जुन अवार्ड मिला। वह कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में दमदार प्रदर्शन कर डंका बजा चुके हैं।
साल 2010 में मलकपुर के फ्री स्टाइल पहलवान राजीव तोमर को अर्जुन अवार्ड मिला। मलकपुर गांव के लिए यह तीसरा अर्जुन अवार्ड रहा। बीजिंग ओलंपिक में राजीव ने देश का प्रतिनिधित्व किया था।
दाहा निवासी पहलवान सुनील राणा 2014 में अर्जुन अवार्ड से नवाजे गए। इसके बाद क्षेत्र से कई बड़े पहलवान निकले।
पैरा एथलीट अंकुर धामा ने अर्जुन अवार्ड जीतकर जिले को छठा अर्जुन अवार्ड दिलाया। बचपन में ही आंखों की रोशनी गंवाने वाले अंकुर ने पैरा ओलंपिक खेलों में भाग लिया। उन्होंने 2014 के एशियाई खेलों में पदक जीते।