उत्तर प्रदेश के बागपत में सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के डौला गांव में भतीजे ने पांच बीघा जमीन के लिए अपने चाचा की गला दबाकर हत्या कर दी। शव मुरादनगर ले जाकर गंगनहर में फेंक दिया। लापता बुजुर्ग की तलाश में जुटी पुलिस ने शक होने पर भतीजे को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस अब शव तलाशने में जुटी है।
डौला गांव निवासी 65 वर्षीय हरिओम अविवाहित थे। उनके हिस्से में 5 बीघा कृषि भूमि आती थी। पिछले कुछ दिनों से वह अपने भाई विरेंद्र के साथ न रहकर कुनबे के दूसरे लोगों के साथ रह रहे थे। आठ दिन पहले वह लापता हो गए। भाई की ओर से थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
पुलिस मामले की जांच में जुटी तो हरिओम के भतीजे राहुल पुत्र विरेंद्र की ओर शक की सूई घूम गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने चाचा की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
एसओ रवि रत्न के मुताबिक राहुल ने पुलिस को बताया कि उसने गला दबाकर अपने चाचा हरिओम की हत्या की। इसके बाद शव ईको गाड़ी में मुरादनगर ले जाकर गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस ने ईको गाड़ी भी कब्जे में ले ली है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी में पुलिस जुटी है।