- शहर में 18 नालों में अधिकतर गंदगी से अटे पड़े, बारिश होने पर पानी की निकासी की रहती है समस्या
- नालों की सफाई के लिए करीब 16 लाख रुपये का टेंडर छोड़ा गया, बरसात से पहले नाले सफाई का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बरसात से पहले नालों की सफाई कराने का दावा जरूर किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर हकीकत अलग है। नालों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिन नालों की सफाई हो रही है, उनका कूड़ा वहीं छोड़ा जा रहा है। स्थिति यह है कि शहर में 18 नालों में अधिकतर गंदगी से अटे पड़े है। बरसात से पहले सफाई नहीं होने पर पानी निकासी नहीं होने पर समस्या खड़ी हो जाएगी।
बागपत शहर में छोटे-बड़े करीब 18 नाले हैं। बरसात में पानी की निकासी हो सके, इसके लिए इन नालों की सफाई कराना जरूरी है। इसके लिए ही नगर पालिका ने करीब 16 लाख रुपये का टेंडर नालों की सफाई के लिए छोड़ा है। नालों की सफाई शुरू जरूर हुई है, लेकिन वह काफी धीमी हो रही है। इसमें भी कूड़ा निकालकर किनारे पर छोड़ा जा रहा है। इससे वह कूड़ा दोबारा से नाले में पहुंच रहा है। इससे नालों की सफाई करने के बाद भी कोई फायदा नहीं है। इस कारण पानी निकासी की समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है।
गत वर्ष गलियां बन गई थी तालाब, बुजुर्ग महिला की हो गई थी मौत
पिछले साल काफी बारिश हुई थी। नालों की सफाई सही से नहीं होने के कारण पानी निकासी की समस्या झेलनी पड़ी थी। अधिकतर गलियों में कई फुट तक पानी भर गया था। नगर पालिका की लापरवाही के कारण ही इस्लाम नगर में बुजुर्ग महिला की गली में भरे पानी में गिरकर मौत हो गई थी। महिला गिरकर उठ नहीं सकी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
नालों की सफाई शुरू करा दी गई है। बरसात में पानी निकासी को लेकर कोई समस्या नहीं होगी। सफाई कार्य तेजी से कराया जाएगा। कूड़ा निकालकर पास में डाला जा रहा है तो उसे भी उठवाया जाएगा। सभी नालों की सही तरीके से सफाई कराई जाएगी। ललित आर्य, ईओ नगर पालिका बागपत