चांदीनगर (बागपत)। महामंडलेश्वर स्वामी महेशानंद गिरी ने कहा कि शिव पुराण का संबंध शैव मत से है। इस पुराण में प्रमुख रूप से शिव की भक्ति और महिमा के बारे में बताया गया है। सभी पुराणों में शिव को त्याग, तपस्या और करुणा की मूर्ति माना जाता है। शिव सहज ही प्रसन्न हो जाने वाले एवं मनोवांछित फल देने वाले देवता है।
खट्टा प्रहलादपुर गांव में चंदनवाला मंदिर में शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन भगवान शिव के जीवन चरित्र व उनके रहन-सहन, विवाह और उनके पुत्रों की उत्पत्ति के विषय में बताया गया। कथा में उपस्थित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पुनीत लाभ कमाया। स्वामी नारायण गिरी कहा कि यह गांव शिव महापुराण कथा के आयोजन होने से सौभाग्य प्राप्त होगा। कथा को सुनने से ही सभी पापों का नाश हो जाता है। ब्रह्मलीन महंत भगवत पुरी महाराज का क्षेत्र के लोगों को आशीर्वाद मिला है। सभी के लिए यह सौभाग्य की बात है, वह दिव्य व्यक्ति थे। विवेक, उज्ज्वल पंडित, मनीष पंडित, रमेश, नितिन कौशिक, बमलेश्वरी, आरती, मुनेश, कांता, शशिबाला, मुन्नी, कुसुम आदि मौजूद रहे।