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बदरखा में अवैध खनन की जांच नहीं कर सकी टीम

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बदरखा में अवैध खनन की जांच नहीं कर सकी टीम
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छपरौली। बदरखा गांव में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों से रास्ते टूटने का मामला सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया। एडीएम के नेतृत्व में टीम ने गांव में पहुंचकर रास्तों की जांच की। बदरखा के 3.2 किमी के रास्ते को सुधारने की बात कही। हालांकि बारिश के कारण अवैध खनन की जांच नहीं हो सकी और टीम लौट गई।
शुक्रवार को एडीएम अमित कुमार सिंह, एएसपी अनिल कुमार सिंह, एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा, सीओ बड़ौत आलोक सिंह पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बदरखा पहुंचे। जिस रास्ते से खनन परिवहन किया जाता है, उनकी जांच की गई। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से रास्ते के निर्माण और मरम्मत की जानकारी ली। साल 2015 में आखिरी बार बदरखा गांव के रास्ते की मरम्मत कराई गई थी। एडीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। जिला खनन अधिकारी राजकुमार ने बताया कि जिला खनिज फाउंडेशन से बदरखा गांव के 3.2 किमी के टुकड़े की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इसके लिए करीब 40 लाख रुपये का बजट है। इसके अलावा मार्ग में जहां-जहां परेशानी और जलभराव की स्थिति है, उसे ठीक कराया जाएगा। वहीं, बारिश के कारण प्रशासन की टीम बदरखा में खनन की जांच नहीं कर सकी। करीब दो घंटे तक टीम ने बारिश रुकने का इंतजार किया, लेकिन यहां जांच नहीं की जा सकी।
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काफिला रोक ग्रामीण बोले, कहां है लखनऊ की टीम
प्रशासन का काफिला गांव में पहुंचते ही लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। ग्रामीण गाड़ियों के सामने खड़े हो गए और कहा कि लखनऊ की टीम कहां है, वह अपने गांव की हालत दिखाना चाहते हैं। बदरखा गांव के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। ओवरलोड वाहनों ने उनके गांव को मुश्किल मेें डाल दिया है। एडीएम ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया।
इधर उधर खड़ी कर दीं गई मशीनें
प्रशासन की टीम के आने से पहले ही यमुना में खनन कर रही मशीनों को इधर-उधर खड़ा कर दिया गया। सोशल मीडिया पर दूसरे गांव में खड़ी मशीनों के फोटो भी वायरल हुए।
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लखनऊ की टीम कर सकती है छापामारी
ग्रामीणों की समस्या पर शासन ने अधिकारियों के समक्ष नाराजगी जताई है। रास्ते की परेशानी और अवैध खनन की जांच के लिए लखनऊ की टीम जल्द ही छापामारी कर सकती है।
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