आगामी 24 अगस्त से शुरू हो रहीं छह से आठ तक की कक्षाओं के साथ-साथ बेसिक शिक्षा विभाग के बंद पड़े कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी खुलेंगे। कोरोना प्रोटोकॉल के पालन के लिए कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राओं के बेड की दूरी बढ़ाई जाएगी। यदि जगह कम पड़ती है तो रात में सोने के लिए कक्षाओं का प्रयोग किया। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के खुलने पर कोरोना प्रोटोकॉल के तहत तौर तरीके बदले जाएंगे।
बागपत जनपद में बड़ौत व छपरौली में मात्र दो कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। प्रत्येक विद्यालय में 100-100 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। इनके रहने और खाने की व्यवस्था भी विद्यालय में रहती है। फिलहाल कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के खोलने के लिए शासन से विस्तृत दिशा-निर्देश आ चुके हैं। अधिकतर संस्थानों में नीचे कक्षा और उनके ऊपर आवास बने हुए हैं। अब तक छात्राओं के बेड दो से तीन फीट की दूरी पर हुआ करते थे। कोरोना प्रोटोकॉल के चलते अब इन्हें छह फीट से और अधिक दूर किया जाएगा। यदि छात्राओं के सोने के लिए पर्याप्त जगह नहीं तो कक्षाओं में रात के सोने की व्यवस्था की जाएगी।
वहीं, डीसी संगीता शर्मा ने सभी विद्यालयों की वार्डन को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी के साथ पठन-पाठन, रहन-सहन और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। सैनिटाइजेशन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।