हरियाणा में विभिन्न मांगों को लेकर किसान शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। किसान सूरजमुखी की फसल को बढ़ावा देने के लिए मांग कर रहे थे। उन पर तानाशाही रवैया अपनाकर अन्नदाताओं पर लाठीचार्ज किया गया। इस लाठीचार्ज में एक किसान की मौत हो गई, जबकि काफी संख्या में किसान घायल हुए हैं।
जयंत चौधरी ने कहा कि सरकार किसान संगठनों को तोड़ने का भरपूर प्रयास कर रही है, लेकिन सरकार इसमे सफल नहीं होगी। अब किसान एकजुट होकर इनके खिलाफ आवाज उठाएंगे।
कहा कि रालोद का एक प्रतिनिधि मंडल जिसमे छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार, पूर्व विधायक छपरौली डॉ. अजय तोमर और शामली विधायक प्रसन्न चौधरी शामिल हैं, वे हरियाणा जाकर मृतक किसानों के परिजनों से मिलेंगे।
प्रतिनिधि मंडल किसानों से मिलकर अपनी रिपोर्ट उन्हें देगा। वह विपक्ष के नेताओं से मिलकर आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। वह बुधवार का अपना चुनावी दौरा रद्द कर वापस लौट गए। इस दौरान धन्यवाद सभा में दो मिनट का मौन रखकर मृतक किसान को श्रद्बांजलि दी गई।