बड़ौत। भले ही जनपद के मुखिया ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नगर के बीचो-बीच से गुजर रहे मीरापुर रजबहे की सफाई सही ढंग से करने के निर्देश दिएं हो, लेकिन इसके बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में नहीं आए हैं। यह हाल तब है, जब कुछ दिन पूर्व डीएम द्वारा गठित जांच कमेटी को सफाई कार्य में गड़बड़ी मिली थी।
बता दे विगत दिनों शासन ने मीरापुर रजबहे की सफाई के लिए तकरीबन छह लाख का बजट स्वीकृत किया था और पारदर्शिता के साथ रजबहे की सफाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने रातो-रात मीरापुर रजबहे की सफाई करा डाली। इस दौरान रजबहे की बाउंड्री व पुलिया भी तोड़ दी। इससे आक्रोशित नगरवासियों ने प्रदर्शन कर सफाई कार्य में गड़बड़ी का आरोप लगाकर डीएम को शिकायत की थी।
लोगों की शिकायत मिलने के बाद डीएम राजकमल यादव ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज को पारदर्शिता के साथ सफाई कार्य कराने के निर्देश दिए थे और जो सफाई कार्य हुआ था, उसकी जांच के लिए उप कृषि निदेशक प्रशांत व जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती की एक टीम गठित की थी। टीम ने डीएम के आदेशों पर मौके पर पहुंचकर जांच की तो सफाई कार्य में खामियां मिलीं। डीएम के आदेश पर रजबहे की सफाई में खानापूर्ति की। रजबहे में अभी भी घास खड़ी है और रजबहा गंदगी से अटा है।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज का कहना है कि अभी सफाई कार्य चल रहा है। पूरा नहीं हुआ। अब तक जितनी सफाई हुई है, उसकी सिल्ट भी उठवा ली गई है। सही ढंग से ही रजबहे की सफाई कराई जाएगी।