फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्दी में दिव्यांग जमीन पर बैठकर ठिठुरते रहे, अधिकारी डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे

विज्ञापन
साहब हमें भी लगी है सर्दी, बागपत विकास भवन में जांच के लिए पहुंचे दिव्यांगों के लिए प्रसाशन की तरह - फोटो : BAGHPAT
विज्ञापन
इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल के लिए किए गए आवेदन पर जिला विकास भवन में जांच के लिए बुलाए गए थे दिव्यांग
विज्ञापन

विकास भवन में बाहर ही जमीन पर बैठकर 11 से साढ़े बारह बजे तक अधिकारियों का इंतजार करते रहे दिव्यांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला विकास भवन के बाहर मंगलवार को अधिकारियों की लापरवाही से दिव्यांग कई घंटे तक जमीन पर बैठकर ठिठुरते रहे। दिव्यांगों को इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल के लिए किए गए आवेदन पर शारीरिक जांच के लिए बुलाया गया था। मगर, अधिकारियों के डेढ़ घंटे देरी से पहुंचने के कारण दिव्यांगों को जमीन पर ठंड में बैठकर ठिठुरना पड़ा।
दिव्यांगों से इलेक्ट्रिक ट्राई साईकिल के लिए जिला दिव्यांगजल कल्याण विभाग ने आवेदन मांगे थे। जिले में 60 का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन 134 आवेदन आए है। इनमें से 27 के आवेदन को जांच के बाद निरस्त कर दिया गया। अन्य दिव्यांगों को शारीरिक जांच के लिए बुलाया गया था। इसके लिए कमेटी बनी है, जिसमें एआरटीओ, सीएमओ व जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को रखा गया है। इस शारीरिक जांच के लिए दिव्यांगों को सुबह 11 बजे जिला विकास भवन बुलाया गया था। सभी दिव्यांग समय से पहले ही पहुंच गए। इसके बावजूद भी अधिकारी व उनके प्रतिनिधि समय पर नहीं पहुंचे। विकास भवन में करीब साढ़े बारह बजे जांच शुरू की गई। तब तक सभी दिव्यांग विकास भवन के बाहर जमीन पर ठंड में ठिठुरते रहे।
विज्ञापन

हमें ग्यारह बजे बुलाकर खुद इतनी देर से आए अधिकारी
रमाला गांव के इस्लाम, टीकरी के मोनू कुमार, बाखर के गोविंद बाहर बैठकर ठंड में ठिठुरते रहे। उनका कहना था कि उनको सुबह ग्यारह बजे ही बुला लिया गया था, लेकिन अधिकारी साढ़े बाहर बजे पहुंचे है। इनमें भी तीनों अधिकारियों ने अपने प्रतिनिधि भेज दिए। सीएमओ ने आर्थोपेडिक सर्जन को भेजा तो दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी ने लिपिक को ही भेज दिया और एआरटीओ ने आरआई को भेजा।
विज्ञापन

दिव्यांगों को जांच के लिए ग्यारह बजे बुलाया गया था। मगर, डाक्टर ओपीडी में व्यस्त हो गए और उनके देरी से आने के कारण देर से जांच शुरू की गई। केवल 60 को ही ट्राई साइकिल मिलनी है, इसलिए जांच की जा रही है। - तूलिका शर्मा, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें