बड़ौत। यदि कोई बच्चा लगातार तीन दिन विद्यालय नहीं आया तो प्रधानाध्यापक उनके घर पहुंचकर अभिभावकों से मिलेंगे। अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए बच्चे को नियमित स्कूल भेजने को प्रेरित करेंगे।
जिले में 531 परिषदीय विद्यालय हैं। जिनमें करीब 70 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते है। इन छात्रों को पढ़ाने का जिम्मा तकरीबन 2500 शिक्षकों पर है। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
पोर्टल पर बच्चों की उपस्थिति कम मिलने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अब बच्चों के लगातार तीन दिन तक स्कूल न आने पर विद्यालय की प्रधानाध्यापक को बच्चे के घर जाकर जानकारी दी जाएगी। बच्चे के विद्यालय न आने के कारण के बारे में पूछा जाएगा, यदि बच्चा बिना किसी उचित कारण के विद्यालय नहीं आ रहा है तो शिक्षक अभिभावक को समझाएंगे, जिससे बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आ सके। सबसे कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की सूची भी तैयार होगी। इस सूची की प्रत्येक महीने समीक्षा होगी।