संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय। कस्बे में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव महाराज ने कहा कि सांसारिक सुख और लोभ का त्याग किए बिना ईश्वर की भक्ति करना संभव नहीं है। धर्म के मार्ग पर चलकर ही ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए अधर्म को परास्त करना आवश्यक है। तन, मन, धन को प्रभु समर्पित करने से ही ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है, जिस प्रकार दानवीर कर्ण ने महाभारत के युद्ध में घायल होने पर भगवान श्री कृष्ण के सोना दान में मांगने पर कर्ण अपना दांत तोड़कर श्री कृष्ण को दे दिया, उसी प्रकार व्यक्ति को अपने मन में दया और दान का भाव रखना चाहिए। भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलकर ही मानव का कल्याण हो सकता है। कथा में विनोद यादव, मोहित भारद्धाज, ललित यादव, दीनानाथ पाठक, सत्यवती देवी, विमला देवी, रुचि शर्मा, बाला यादव, दीनदयाल मिश्रा, मोनिका शर्मा, हरिमोहन सिंघल मौजूद रहे।