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होम आइसोलेशन के दौरान कैसे करें अपना उपचार

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बड़ौत। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लोग तेजी से संक्रमण की चपेट में आने लगे हैं। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को होम आइसोलेट किया जा रहा है जबकि गंभीर मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है। मरीज को 14 दिनों तक अपने को सबसे अलग करते हुए कोरोना नियमों की कड़ाई से पालना करने की अपील की जा रही है। मामूली संक्रमण एवं प्रत्यक्ष लक्षण वाले लोग घरों पर रह कर अपना उपचार स्वयं कर सकते हैं। जिसके लिए उन्हें कुछ नियमों का पालन, उचित देखभाल व खान पान की आवश्कता रहेगी।
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होम आइसोलेशन के आवश्यक नियम
संक्रमित मरीज को होम आइसोलेशन के दौरान घर में सबसे अलग रहना जरूरी है। मरीज के कमरे में हवा कर उचित प्रवाह, अलग से टॉयलेट और मरीज की देख भाल के लिए किसी का 24 घंटे होना जरूरी है। होम आइसोलेशन के दौरान मरीज में संक्रमण के लक्षण गंभीर नहीं होने चाहिए। गंभीर होने पर उसे अस्पताल में दाखिल करना जरूरी है।
होम आइसोलेशन में क्या करना चाहिए-
मरीज अपने कमरे की खिड़कियां खुली रखे। हर समय मुंह पर मास्क पहने और इसे हर 6 से 8 घंटे में बदल दें। साबुन और पानी से हाथों को बार बार धोएं। अपने बर्तन, तौलिया, चादर कपड़े सबसे अलग रखें। किसी भी वस्तु को छूने से बचें। दिन में दो बार अपने बुखार और ऑक्सीजन के स्तर की जांच करें। शरीर का तापमान सौ फॉरेनहाइट से ज्यादा न हो और ऑक्सीजन का स्तर एसपीओ-2 रेट 94 प्रतिशत से कम न हो। अन्य बीमारी की शिकायत हो तो उसका इलाज साथ में जारी रखें। आइसोलेशन के दौरान मरीज शराब, स्मोकिंग या अन्य किसी नशीली पदार्थ का सेवन न करें। नियमित रूप से दवाई व काढ़े का प्रायोग करें।
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कैसी होनी चाहिए मरीज की डाइट-
संक्रमित मरीजों को घर पर बना सादा भोजन करना चाहिए। मौसमी, नारंगी और संतरा जैसे ताजे फल और बींस, दाल जैसी प्रोटीनयुक्त भोजन लें। खाने में अदरक, लहसुन और हल्दी जैसे मसाले का उपयोग करें। दिन में रोज 8-10 गलास पानी पिएं।
क्या न खाएं-
कोरोना संक्रमित मरीजों को मैदा, तला हुआ खाना या जंक फूड नहीं खाना चाहिए। चिप्स, पैकेट जूस, कोल्ड ड्रिंक, चीज, मक्खन, मटन, फ्रॉइड प्रोसेस्ट मीट और पाल्म ऑयल जैसे अनसैचुरेटेड फैट्स से परहेज करें। भोजन में मीट व अंडा कम मात्रा में लें।
मानसिक रूप से मजबूत रहें : सीएचसी अधीक्षक
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि होम आइसोलेशन की अवधि आम तौर पर 14 दिन की रहती है। अगर मरीज को आखिरी 10 दिनों में बुखार या अन्य कोई लक्षण नहीं हो तो वह डॉक्टर से सलाह लेकर होम आइसोलेशन खत्म कर सकते हैं। कहा कि कोरोना वायरस शरीर के साथ मरीज को मानसिक तौर पर भी कमजोर करता है। इसलिए उपचार के दौरान मरीज अपनी मानसिक सेहत का भी ख्याल रखें। होम आइसोलेशन के दौरान फोन और वीडियो कॉल के जरिए अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के संपर्क में रहें। अपनी पसंदीदा किताबें पढ़ें, योगा करें। मोबाइल पर पसंदीदा शो देखने, हल्के गेम भी खेल सकते हैं। ध्यान रखें कि खुद पर बहुत ज्यादा दवाब न डालें। और खूब आराम करें। -
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