गैर जमानती वारंट जारी होने पर कोर्ट में सरेंडर करने के बाद आरोपी सचिन के फरार होने से कचहरी की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। कचहरी के मुख्य द्वार पर तैनात दस से ज्यादा पुलिस कर्मी आराम से बैठे रहे और आरोपी वहां से निकलकर भाग गया। इस तरह से पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की पोल भी खुलकर सामने आ गई है।
कचहरी में रोजाना बागपत जिला कारागार, दिल्ली की तिहाड़ जेल के अलावा दूसरे राज्यों की जेलों से बंदियों को पेशी पर लाया जाता है। उनमें कई बड़े अपराधी भी शामिल हैं। उधर, कचहरी की कड़ी सुरक्षा के लिए अकेले मुख्य द्वार पर दस से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई हुई है। जिससे वहां कोई अप्रिय घटना नहीं हो सके और कोई संदिग्ध दिखाई देने पर उसे तुरंत पकड़ा जा सके। लेकिन मंगलवार को एससी-एसटी एक्ट अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद आरोपी सचिन आसानी से भाग निकला और मुख्य द्वार पर भी पुलिस कर्मी आराम से बैठे रहे।
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जब अदालत की तरफ से पुलिस कर्मी शोर मचाता हुआ आया तो मुख्य द्वार पर बैठे पुलिस कर्मी हरकत में आए, लेकिन तब तक आरोपी भाग गया था। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने सड़क पर भी चेकिंग अभियान चलाया। लेकिन आरोपी हत्थे नहीं चढ़ सका। सीओ देवेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि वहां सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराई जाएगी कि आखिर वहां से आरोपी कैसे भाग निकला।