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गांव में सरकार, मिलने की हसरत रह गई अधूरी

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बड़ौत। सीएम योगी आदित्यनाथ सिसाना गांव में तकरीबन 22 मिनट में तक रहे। मगर, गांव की जनता की सीएम से मिलने की हसरत अधूरी रह गई। कई ग्रामीणाें प्रयास भी किया लेकिन पुलिस ने सुरक्षा का व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें अनुमति नहीं दी।
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तकरीबन 11 बजकर 12 मिनट पर सीएम अपने काफिले के साथ सिसाना गांव पहुंचे। कयास लगाए जा रहे थे कि वे गांव पहुंचकर जमीनी हकीकत जानने के लिए ग्रामीणों से बात करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सीएम के पहुंचने से पहले बाहर खड़े ग्रामीणों को पुलिस ने घरों के अंदर ही रहने की हिदायत दे दी थी। इसके बाद लोग घरों की खिड़कियां पर खड़े होकर नजारा देखते रहे। मोबाइल पर वीडियो बनाते और फोटो खींचते नजर आए। सीएम गांव का दौरा करते हुए तकरीबन 11 बजकर 23 मिनट पर विद्यालय में पहुंचे। सीएम का काफिला गांव से बाहर जाते ही प्राइमरी स्कूल के अंदर मौजूद अधिकारियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। सभी के चेहरों पर मुस्कान नजर आई।
चलो, इस बहाने गांव की गंदगी तो दूर हो गई
सोनू प्रजापति व रवि प्रजापति का कहना था कि मुख्यमंत्री के इस दौरे का क्या उद्देश्य था, समझ में नहीं आया। लेकिन यह अच्छा हुआ कि गांव में काफी समय से पड़ी गंदगी को हटा दिया गया। गंदगी से काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। गीता व कमलेश को सीएम से न मिलने का मलाल है। उनका कहना था कि सोचा था कि सीएम से मिलने दिया जाएगा और गांव की समस्या हम सीएम साहब को बताएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गांव में तालाब पर अतिक्रमण, जल भराव व बिजली व्यवस्था धड़ाम है। हर तरफ गंदगी व्याप्त रहती है।
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सीएम से वृद्धा पेंशन प्रमाण पत्र मिलने पर खुश नजर आईं जुबैदा
सिसाना गांव के प्राथमिक विद्यालय में सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों से वृद्धा पेंशन प्राप्त कर लौट रही जुबैदा पत्नी अकबर निवासी निवाड़ा से बातचीत की गई तो वे काफी खुश नजर आई। कहा कि सीएम बिना भेदभाव व पक्षपात किए हर वर्ग के लोगों की चिंता करते है। उनके हाथों से वृद्ध पेंशन प्रमाण पत्र लेने से खुशी हुई।
चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा पुलिस बल
सीएम की सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर 50-50 मीटर की दूरी पर पुलिस कर्मियों को ड्यूटी पर लगाई गई थी। इसके अलावा ग्रामीणों की छतों से भी पुलिस कर्मियों को निगरानी रखने के लिए निर्देशित कर रखा था।
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