मंडी में इस समय औसतन हर सब्जी के दाम 20-30 रुपये प्रति किलोग्राम अधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नवरात्र से पहले महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। पहले टमाटर के भाव गृहणियों को मुसीबत में डाल रहे थे। अब प्याज उनसे भी आगे निकल गया है। सलाद में प्रयोग होने वाला खीरा भी थाली से लगातार गायब होता जा रहा है।
पिछले साल प्याज ने खूब रुलाया था। प्याज 100 रुपये किलोग्राम का भाव तक पहुंच गया था। अगस्त से लेकर फरवरी तक प्याज के दामों में गिरावट नहीं आई थी। इस साल टमाटर भी जायके को बिगाड़ रहा था। सितंबर महीने से ही टमाटर 50 रुपये किलोग्राम के भाव पर है। कभी कभार 40 तक आया तो कभी 60 पर भी छलांग लगाई। अब प्याज भी लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले महीने तक प्याज 30 से 35 रुपये किलोग्राम के भाव पर था। अब 50 रुपये के पार हो गया है। खीरे का रेट भी 50 रुपये किलो तक है। सबसे महंगी सब्जियों की बात करें तो फिलहाल मटर है। इस समय मंडी में मटर 120 रुपये किलोग्राम के भाव से बिक रही है। गोभी इन दिनों 50 से 60 रुपये किलोग्राम के भाव से मिल रही है। हर एक सब्जी के साथ बनने वाला आलू भी इस बार 30 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम के रेट पर है। मंडी में इस समय औसतन हर सब्जी 30 रुपये प्रति किलोग्राम के रेट से अधिक है। घीया, टिंडा, तुरई भी 30 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रही हैं। बंद गोभी 40 रुपये किलो मिल रही है।
मौसमी सब्जियों की आवक शुरू
बड़ौत। मौसमी सब्जियों के तौर पर पालक, मूली मिलना शुरू हो चुके हैं। पालक 30 से 40 रुपये के भाव पर बिक रही है। मूली 20 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिल रही है। अभी गाजर की आवक शुरू नहीं हो सकी है। नवंबर महीने में गाजर मिलना शुरू हो जाएगी।