बागपत। गांगनौली गांव में पुलिस सुरक्षा में हुए दोहरे हत्याकांड में सुनवाई पूरी होने पर साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। हत्याकांड के तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है और दो आरोपियों को पुलिस ने जांच में क्लीनचिट दे दी थी।
आरोपी पक्ष के अधिवक्ता रामपाल नेहरा ने बताया कि 13 नवंबर 2013 को गांगनौली गांव में पुलिस सुरक्षा में रंजिशन सरोज और उसके पति रामबीर की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की गई थी और उनके हथियार छीनकर फेंक दिए गए थे। दोहरे हत्याकांड में मरने वाले दंपती की बेटी बबीता ने प्रमोद राठी, अमित उर्फ सद्दाम, लक्ष्मण, बालेंद्र निवासीगण गांगनौली, अपिल निवासी लुहारी, आदित्य उर्फ चट्टान निवासी एलम, देवेंद्र प्रधान धनौरा और जितेंद्र, सचिन उर्फ रोबिन निवासी चांदनहेड़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। दोहरे हत्याकांड की जांच में पुलिस ने जितेंद्र और सचिन उर्फ रोबिन को क्लीनचिट दे दी थी, जबकि अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी।
इस मामले में न्यायालय में सुनवाई के दौरान एक लाख के इनामी बदमाश रहे प्रमोद गांगनौली और अमित उर्फ सद्दाम, आदित्य उर्फ चट्टान की मौत हो गई थी। आरोपी देवेंद्र प्रधान धनौरा, बालेंद्र, अपिल लुहारी और लक्ष्मण की पत्रावली पर अपर जिला एवं सत्र न्यायालय एफटीसी द्वितीय में सुनवाई हुई। अधिवक्ता रामपाल नेहरा ने बताया कि इसमें 15 गवाह पेश किये गये और सुनवाई पूरी होने पर साक्ष्य के अभाव में चारों आरोपियों को दोषमुक्त किया गया।
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एक-एक लाख के ईनामी रहे है प्रमोद और अमित उर्फ सद्दाम
गांगनौली गांव में रंजिशन कई हत्याएं की गई थी। जिनमें नाम सामने आने पर आरोपी प्रमोद राठी और अमित उर्फ सद्दाम पर पुलिस ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से अमित उर्फ सद्दाम की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि प्रमोद गांगनौली की भी हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा आदित्य उर्फ चट्टान की भी गोली लगने से मौत हो गई थी।