चांदीनगर। चमरावल गांव में पशुओं में मुंहपका-खुरपका बीमारी फैल रही है। बीमारी से गांव में पिछले दस दिनों में आठ पशुओं की मौत हो चुकी है। गांव के शशांक त्यागी व नीतू फौजी का कहना है कि गांव में पशु चिकित्सालय नहीं है। ग्रामीणों को पशुओं के उपचार के लिए पिलाना जाना पड़ता है। पशु चिकित्सकों को फोन करने के बावजूद चिकित्सक गांव में पशुओं की जांच के लिए नहीं आते है। चिकित्सालय के अभाव में ग्रामीणों को प्राईवेट चिकित्सकों से पशुओं का उपचार करना पड़ता है। गांव में पशुओं मेें खुरपका-मुंहपका बीमारी फैल रही है।
बीमारी के कारण गांव में पिछले दस दिन में गंगादास के एक गोवंश, ईश्वर दो बछड़े, मंगते दो भैंस, सुबोध पंडित के दो गोवंश व पवन की एक गाय की मौत हो चुकी है। इनके अलावा गांव में सोहित, प्रदीप प्रधान, नीटू त्यागी, जोनी के पशु इस बीमारी से पीड़ित है। ग्रामीणों ने गांव में पशुपालन विभाग से कैंप लगाकर पशुओं की जांच कराने व टीकाकरण कराने की मांग की है। सीबीओ डॉ रमेश चंद का कहना है कि जिले में अभी खुरपका-मुंहपका बीमारी के लक्षण नहीं मिले है। चमरावल गांव में शुक्रवार को विभाग की टीम घर-घर सर्वे कर पशुओं की जांच कर टीकाकरण करेगी।