बिनौली। शिव मंदिर में छह अक्तूूबर से शुरू होने वाली रामलीला में युवा कलाकार अपने पिता और चाचा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नजर आएंगे। जिस रामलीला के मंचन में पिता कैकेयी बनकर राजा दशरथ से श्रीराम को बनवास और भरत के लिए अयोध्या का राज्य मांगते थे, उसी मंच पर अब उनका बेटा दशरथ का किरदार निभाते हुए कैकेयी के वचनों को पूरा करते हुए नजर आएगा।
बिनौली के शिव मंदिर में 16 वर्षों बाद छह अक्तूबर से रामलीला का मंचन शुरू होगा। रामलीला में रवि भाटिया अपने पिता प्रेम भाटिया के स्थान पर राम का किरदार निभाएंगे और उनका छोटा भाई शत्रुघन का किरदार करेगा। कैकेयी का किरदार निभाने वाले स्वर्गीय रामदयाल का बेटा सुरेश सैनी राजा दशरथ के किरदार में केकैयी के वचनों को पूरा करते नजर आएंगे। परशुराम, अंगद और खर का किरदार निभाने वाले स्वर्गीय ओमप्रकाश के बेटे अजय शर्मा हनुमान का किरदार करेंगे। राजा जनक और विभीषण का किरदार निभाने वाले स्वर्गीय आनंद का बेटा मोनू वर्मा राजा जनक का किरदार करेंगे। सभी युवा अपने-अपने किरदारों को लेकर उत्सुक है। उनका कहना है कि काफी समय बाद रामलीला के माध्यम से अपने पिता की परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।
अमित उर्फ पिंटू का कहना है कि रामलीला में उसके चाचा सुभाष दहिया के सुग्रीव और अंगद का किरदार करने वाले राहुल कश्यप के मुताबिक उनके पिता राजपाल कश्यप जटायु और ताड़का का किरदार निभाते थे। गांव की रामलीला में उनका छोटा भाई बिट्टू कश्यप लक्ष्मण, चचेरा भाई महेश कश्यप कैकेयी व सुलोचना का किरदार निभाएगा। नरेंद्र पांचाल के चाचा स्वर्गीय ओमप्रकाश पांचाल मेघ की तरह दहाड़ने वाले मेघनाथ का रोल करते थे। रामलीला में उन्हें भरत का किरदार मिला है। संजीव जांगड़ा के चाचा स्वर्गीय ब्रजपाल जांगिड़ महाबली बाली ओर कुंभकर्ण का किरदार करते थे। उनका कहना है कि उनके मंचन को देखने के लिए रामलीला में भारी भीड़ जुटती थी, उन्हें नारान्तक का किरदार मिला है।