बागपत-मेरठ मार्ग पर मीतली गांव के पास गन्ने के ट्रैक्टर-ट्राली ने सेंट्रो कार को रौंद दिया था। कार में सवार बाप-बेटी की मौत हो गई थी। बेटा और दोस्त गंभीर घायल हो गए थे। शनिवार को बाप-बेटी की एक साथ अर्थी उठी। इसी देख हर किसी की आंखें भर आई। पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।
मुकारी गांव के प्रदीप पुत्र लाल सिंह (38) दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में गाड़ी चलाते थे। उनका पत्नी से विवाद चल रहा था। वे शुक्रवार की रात में सवा 11 बजे अपनी ससुराल नैथला से अपने बेटे शिवा (11) और बेटी मीनाक्षी (8) को अपने साथ लेकर सेंट्रो कार से मुकारी गांव में अपने घर लौट रहा थे। उनके साथ गाजियाबाद निवासी उनका दोस्त ईश्वर सिंह भी थे।
जैसे ही कार बागपत-मेरठ मार्ग पर मीतली गांव के पास पहुंची, तभी सामने से आग रहे गन्ने से भरे ट्रैक्टर-ट्राली ने कार को रौंद दिया। इसके बाद गन्ने की ट्राली सड़क किनारे खाई में पलट गई थी। वहां से गुजर रहे वाहन सवारों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने लोगों के सहयोग से कार सवारों को कार से निकाला। उस समय तक प्रदीप और उनकी बेटी मीनाक्षी की मौत हो चुकी थी।
घायल शिवा और ईश्वर सिंह को बागपत अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने उन्हें मेरठ रेफर किया। उनका मेरठ मेडिकल में इलाज चल रहा है। घटना की कोतवाली पर मृतक प्रदीप के फुफेरे भाई आदेश ने अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। घटना से मुकारी गांव शोक में डूबा हुआ है। शनिवार शाम बाप-बेटी की एक साथ अर्थी उठी। एक साथ ही उनका दाह संस्कार किया। हर किसी की आंखें छलक रही थी। कोतवाली प्रभारी ने कहा आरोपी ट्रैक्टर चालक का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
अंकल! मेरी बहन को बचा लो
बागपत। घटना के बाद मार्ग चीख-पुकार से गूंज उठा। पुलिस वालों को देख घायल शिवा बोला अंकल मेरी बहन को बचा लो। उसने यह बताया मम्मी ने पापा को रात के समय घर जाने से रोका था, लेकिन पापा ने मम्मी की नहीं सुनी।