बागपत। कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद के तहत जिले में दस जगहों पर नेशनल व स्टेट हाईवे जाम किए गए। किसानों के साथ ही भाकियू कार्यकर्ता व राजनीतिक दलों के नेता सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक सड़कों पर धरना देकर बैठे रहे। बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर नेशनल हाईवे जाम किया तो बड़ौत, खेकड़ा, रमाला, दाहा, बिनौली, छपरौली, हिसावदा मोड़ पर सड़कें जाम रही। सभी ने कहा कि जब तक सरकार किसानों की मांग नहीं मानेगी, तब तक विरोध जारी रहेगा। गन्ना मूल्य में 25 रुपये की बढ़ोतरी को काफी कम बताया गया और कृषि कानून रद्द करने की मांग की गई। उधर, दाहा में रालोद नेता ने एक कपड़े में अन्य कार्यकर्ताओं से आग लगवाई, जिसे आत्मदाह की कोशिश करने का दावा किया गया।
बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया और वह चौक पर दोनों तरफ धरना देकर बैठ गए। रालोद व सपा नेता भी समर्थन देने के लिए पहुंच गए। केवल एंबुलेंस, पुलिस के वाहनों व स्कूल वाहनों को निकलने दिया गया। अन्य वाहन चालकों ने निकलने का प्रयास किया तो उनके साथ भाकियू कार्यकर्ताओं की नोकझोंक भी हुई। किसान नेताओं ने कृषि कानून रद्द करने के साथ ही गन्ना बकाया भुगतान जल्द करने की मांग की। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, युवा जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह, तेजपाल ठाकुर, इंद्रपाल सिंह, योगेश प्रधान, प्रदीप धामा, आशीष प्रधान, रालोद से युवा जिलाध्यक्ष श्रीकांत धामा गुर्जर, गजेंद्र बली, अमित जैन, मास्टर ओमवीर तोमर, कपिल गुर्जर, अशोक गुर्जर, एडवोकेट नरेंद्र मान, विकास मलिक, सोनू बिचपड़ी, अजहर खान, कंवरपाल हुड्डा, सद्दाम निवाड़ा, अनिरुद्ध, सपा से रमन गुर्जर, शकील अहमद, भीम आर्मी से जीशान हयात आदि मौजूद रहे।
बड़ौत में हाईवे जाम, पुलिस से नोकझोंक
बड़ौत। किसान यूनियन, रालोद कार्यकर्ता, भारतीय कम्यूनिस्ट, कांग्र्रेस व सपा कार्यकर्ताओं ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर औद्योगिक पुलिस चौकी के पास जाम लगा दिया। पुलिस ने उनको रोकने का प्रयास किया तो उनके साथ नोकझोंक भी हुई। इस दौरान किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व थांबेदार पट्टी मेहर चौधरी ब्रजपाल सिंह, बलजोर आर्य, विक्रम आर्य, डा. कृपाल सिंह, विपिन ढ़िकाना, लता चौधरी, देवेंद्र कुमार एडवोकेट, पूर्व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन जयवीर तोमर एडवोकेट, विकास मलिक एडवोकेट, सागर तोमर, रणवीर प्रधान मलकपुर, विश्वास चौधरी, अरुण तोमर बोबी, प्रमेन्द्र तोमर, संजीव तोमर, विराज तोमर, प्रवेन्द्र तोमर, गौरव तोमर, चिराग चौधरी, आशुतोष तोमर, रेनू तोमर, विक्रांत, देवेन्द्र चौधरी, राजेन्द्र, राहुल जौनमाना शामिल रहे।
खेकड़ा में किया नेशनल हाईवे जाम
खेकड़ा। किसानों के साथ ही भाकियू व रालोद कार्यकर्ताओं ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पाठशाला पुलिस चौकी के पास जाम लगाया। शाम चार बजे तक सभी नेशनल हाईवे पर धरना देकर बैठे रहे। वाहन चालकों ने निकलने का प्रयास किया तो उनके साथ किसानों की नोकझोंक भी हुई और उनको वापस भेज दिया गया। इस दौरान रालोद जिलाध्यक्ष डा. जगपाल सिंह तेवतिया, ब्रह्मपाल सिंह सभासद, युवा नेता सोनू चौहान, नीरज धामा, रामकुमार धामा, ओमप्रकाश धामा, मास्टर तेजबीर सिंह, देवेंद्र, कुलदीप, फेरू धामा, खाप चौधरी जितेंद्र धामा, रामोतार सिंह, देवेंद्र धामा, ओमपाल सिंह, सुखबीर सिंह, हरपाल सिंह, महक सिंह, सुरेंद्र सिंह, संदीप धामा आदि मौजूद रहे।
दाहा में रालोद जिला महासचिव के आत्मदाह की कोशिश का दावा
दोघट। दाहा गांव में किसानों के साथ ही रालोद कार्यकर्ताओं ने बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर जाम लगा दिया और वह धरने पर बैठ गए। रालोद के जिला महासचिव व पूर्व जिला पंचायत सदस्य तेजपाल सिंह के आत्मदाह की कोशिश करने का दावा किया गया। उनके कपड़े में आग लग गई, जिसको बुझा दिया गया। इस दौरान पप्पन राणा, अमित, मास्टर सुरेश राणा, गुल्लू प्रधान, जगपाल सिंह, देवपाल राणा, विजेंद्र राणा, राजकुमार, आनंद चिल्लर मौजूद रहे। इसके अलावा भाकियू व रालोद कार्यकर्ताओं ने पुसार बस स्टैंड पर बड़ौत-बुढ़ाना व पुसार-बराल मार्ग जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। चौधरी राजेंद्र सिंह, पवन राठी, प्रमोद राठी, अवधेश राठी, सतबीर, भगत, मनोज, मनोज प्रधान, नरेंद्र राठी, पप्पू मुखिया, मास्टर सुरेश राणा, सूरज सिंह, महिपाल सिंह, अब्बास चौधरी, धर्मेंद्र राठी, पप्पू, कृष्ण, बृजपाल सिंह, ओमपाल सिंह, सुधीर मुखिया, प्रवेंद्र मुखिया आदि करीब 15 गांव के किसान बैठे रहे। वहीं, बामनौली, भड़ल व आदमपुर पुलिया पर भी किसानों ने जाम लगाया। दाहा में सरकार का पुतला जलाया।
मेरठ-बड़ौत मार्ग जाम रखा, रागिनी से मनोरंजन हुआ
बिनौली। दादरी, जिवाना, बिनौली, सिरसली व रंछाड गांव के भाकियू व रालोद कार्यकर्ताओं ने मेरठ-बड़ौत मार्ग पर दादरी गांव के सामने जाम लगाया। उन्होंने ट्रैक्टरों को मार्ग पर खड़े करके जाम लगा दिया। धरने में रागिनियों की प्रस्तुति ने सभी का खूब मनोरंजन भी हुआ। जाम लगाने वाले में शिवनारायण दादरी, राजू तोमर सिरसली, आदित्य प्रधान, अजीत सोलंकी, कपिल सोलंकी, विनोद तोमर, आकाश सोलंकी, प्रधान उपेंद्र धामा, गगन धामा, गुलवीर धामा, लोकेंद्र सिंह, ब्रजपाल सिंह, कमल, बाबू, बिंदर प्रधान, सुंदर लाल, परमेंद्र, विपिन, सचिन, नागेश, डॉक्टर संजय भगत सिंह, सोनू, आदित्य प्रधान, उपेंद्र धामा, गगन धामा, दिनेश आदि मौजूद रहे।
किशनपुर बराल में नेशनल हाईवे पर बैठे किसान
रमाला। किशनपुर बराल बस अड्डे पर भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने सड़क के बीच ट्रैक्टर ट्राली खड़ी कर दी और वहां धरना देकर बैठ गए। इससे दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे जाम हो गया। ओमप्रकाश कंडेरा, रविंद्र मुखिया, ओम सिंह, जुल्ला प्रधान, उपेन्द्र, सत्यप्रकाश, सक्रम प्रधान, चांदवीर आदि मौजूद रहे।
छपरौली में किसानों ने जाम लगाया
छपरौली। किसानों ने विकास प्रधान के नेतृत्व में पुस्तकालय के पास बड़ौत-टांडा मार्ग पर जाम लगाया। इस दौरान रणवीर सिंह, विकास प्रधान, रामकुमार, करण पाल, श्याम सिंह, संजीव, योगेंद्र, तोशीम, अंकित, राजपाल सिंह, सुखपाल सिंह, राजेंद्र, हरवीर आदि मौजूद रहे।
--
मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे जाम किया
बालैनी। किसानों ने मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे जाम करने के लिए हिसावदा मोड़ पर धरना दिया। इससे वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई। किसानों ने सड़क के किनारे से आगे निकल रहे बाइक सवारों को रोक लिया और उनको वापस भेज दिया गया। इस दौरान गौरव मालिक, अन्नू मलिक, कपिल मालिक मौजूद रहे।
बस बंद होने से यात्री रहे परेशान
अग्रवाल मंडी टटीरी। भाकियू व किसानों के सड़कों पर जाम लगाने से मेरठ बागपत मार्ग पर प्राइवेट बसों का संचालन बंद रहा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को बसों का इंतजार करने के लिए घंटों तक खड़ा रहना पड़ा। ट्रेनों का संचालन सुबह से शाम चार बजे तक पहले ही बंद है तो इसलिए भाकियू नेता व किसान वहां नहीं पहुंचे।
रालोद नेता ने ऐसे की आत्मदाह की कोशिश, वीडियो वायरल
जिस रालोद के जिला महासचिव व पूर्व जिला पंचायत सदस्य तेजपाल सिंह के आत्मदाह की कोशिश करने की बात कही जा रही है, उसकी एक वीडियो भी वायरल हो रही है। इसमें रालोद नेता एक कपड़ा (गमछा) लिए हुए है और उसमें अन्य लोग आग लगा रहे है। जब उस कपड़े में आग लग जाती है तो उसके बाद सभी मिलकर उसे बुझाते है। वीडियो में इस तरह से पूरा मामला दिख रहा है।
किसानों व नेताओं ने सभी जगह से एंबुलेंस व एमरजेंसी वाहन निकलवाए
किसानों, भाकियू कार्यकर्ताओं व रानीतिक दलों के नेताओं ने जिले में करीब दस जगह नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे पर जाम जरूर लगाया। लेकिन उन सभी जगहों से एंबुलेंस व अन्य इमरजेंसी वाहनों को जगह देकर खुद ही निकलवाया गया। बागपत के राष्ट्र वंदना चौक से कई बार एंबुलेंस निकली, जिनको बाइक हटाकर निकाला गया। इस तरह ही पुलिस के वाहन कैदियों को कोर्ट लेकर जा रहे थे तो उनको भी निकलवाया गया और स्कूल वाहन भी निकाले गए। अन्य वाहन चालकों के साथ जरूर कई बार भाकियू कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हुई।
पुलिस बल रहा मुस्तैद
जितनी जगह भी धरना दिया गया, उन सभी जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी के साथ ही पुलिस बल मौजूद रहा। किसी के साथ भाकियू कार्यकर्ताओं की नोकझोंक होती थी तो वहां हंगामा बढ़ने पर पुलिस कर्मी तुरंत पहुंचकर शांत कराते थे। पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दी।
बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ता- फोटो : BAGHPAT