अग्रवाल मंडी टटीरी स्थित भट्टे पर बारिश में नष्ट हुई कच्ची ईंटें
बागपत। औद्योगिक क्षेत्र बागपत में आंधी के कारण बिजली नहीं मिलने से फैक्टरियों में उत्पादन ठप रहा। इससे उद्यमियों को 15 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ समय पर माल की आपूर्ति में विलंब होने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
औद्योगिक क्षेत्र बागपत में 200 छोटी व बड़ी फैक्टरियां है। मगर बुधवार रात आंधी से औद्योगिक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बृहस्पतिवार की शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। यहां फैक्टरियों में प्रतिदिन 50 करोड़ रुपये का विभिन्नि वस्तुओं का उत्पादन होता है। उद्यमियों के अनुसार, उत्पादन ठप रहने से उन्हें श्रमिकों के वेतन तथा अन्य खर्च आदि से 15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
उद्यमी आशीष जैन, सिद्धार्थ मलहोत्रा और अमितांशु अग्रवाल कहते हैं कि बिजली नहीं मिलने से काफी नुकसान है। उद्यमियों को व्यापारियों के ऑर्डर के अनुसार माल की आपूर्ति करनी होती है, लेकिन अब विलंब होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की लाइनें भूमिगत होनी चाहिए, जिससे आंधी या बारिश में बिजली आपूर्ति ठप होने से बचेगी।
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ईंट भट्ठा उद्योग में 20 करोड़ रुपये का नुकसान
बागपत। बारिश से ईंट भट्ठा उद्योग को काफी नुकसान है। बारिश में कच्ची ईंटें क्षतिग्रस्त हो गईं। ईंट निर्माता समिति बागपत के महामंत्री नीरज नैन बताते हैं कि बागपत में 400 ईंट भट्ठे हैं। प्रत्येक भट्ठे पर करीब पांच लाख कच्ची ईंटे क्षतिग्रस्त होने का औसत है। इस हिसाब से 20 करोड़ ईंटे क्षतिग्रस्त होने से भट्ठा मालिकों को 20 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, क्योंकि एक कच्ची ईंट पर एक रुपये लागत आती है। ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तथा कोषाध्यक्ष विनोद गोयल सिंह कहते हैं कि मई में कई बार बारिश होने से ईंट भट्ठा मालिकों को अब तक 50 करोड़ रुपये का नुकसान होने से इस उद्योग की कमर टूट गई है।