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चरमराई बिजली व्यवस्था ने किया बेहाल, जमकर हो रही कटौती

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-शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक की बिजली व्यवस्था हो चुकी है बेपटरी
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-कहीं फॉल्ट तो कहीं रोस्टिंग के नाम पर विभाग कर रहा है कटौती
-उमस भरी गर्मी से लोग हो गए है बेहाल, बढ़ता जा रहा है जनता का आक्रोश
बड़ौत। नगर से लेकर ग्रामीणांचल तक की बिजली व्यवस्था बदहाली का शिकार हो गई है। कब बिजली आएगी, कब चली जाएगी कोई बताने वाला नहीं है। उमस भरी गर्मी से लोगों का बुरा हाल हो चुका है और बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है।
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नगर में 24 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल निर्धारित है तो वहीं ग्रामीणांचल में 18 से 20 घंटे का शेड्यूल है। लेकिन शासन स्तर से निर्धारित इन शेडयूल के अनुरूप बिजली की सप्लाई कहीं नहीं हो रही है। कहीं फॉल्ट तो कहीं रोस्टिंग के नाम पर बिजली काट कर विभाग के लोग मौज मना रहे है। इसके पीछे कारण यह है कि बिजली विभाग के कालोनियों की लाइन नहीं कटती है। वहां फॉल्ट नहीं होता है। कोरोना संक्रमण के चलते लोग घरों में रहना चाह कर भी नहीं रह पा रहे है। लाइट कटते ही इतनी गर्मी होने लगती है कि लोग मजबूरी में घरों से बाहर निकते है। आलम यह है कि यदि फॉल्ट में एक तार टूटकर गिर जाए तो उसे जोड़ने में भी निगम के कर्मचारी व संविदा कर्मी आठ से दस घंटे का समय लेते है। दो दिन पूर्व गुराना रोड पर रात्रि दो बजे फॉल्ट के चलते तार टूट गया था, जिसको जोड़ने में कर्मचारियों को दस घंटे लग गए थे। इसको लेकर लोगों ने आक्रोश जताया था। यह तो एक मामला है, ऐसे कई मामले निगम की लापरवाही के सामने आ रहे है। जेई टाउन सतीश कुमार का कहना था कि ऊपर से जितनी सप्लाई मिलती है, उतनी ही सप्लाई दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। कई कालोनी में वर्षों पुराने तार जर्जर हो चुके हैं, जल्द ही जर्जर तारों को भी बदलवाया जाएगा।
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