बागपत। यहां शहर से लेकर गांवों तक 12 हजार से अधिक लावारिस कुत्ते घूम रहे हैं और ये रोजाना 250 लोगों को काटकर घायल कर रहे हैं। फिर भी नगर निकायों व पंचायतों का कुत्तों को पकड़वाने की तरफ ध्यान नहीं है। आज तक भी इन्हें पकड़ने के लिए कोई टेंडर तक नहीं छोड़ा गया।
जिले में ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब लावारिस कुत्ते लोगों को अपना शिकार न बनाते हों। जिला अस्पताल में रोजाना जहां 65 बच्चे व लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए रोजाना पहुंचते हैं तो स्वास्थ्य व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 185 को इंजेक्शन लगाया जाता है। पशु गणना के अनुसार जिले में 12 हजार से अधिक लावारिस कुत्ते शहर, कस्बों व गांवों में घूम रहे हैं। इन कुत्तों से परेशान होकर लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं और इसके बाद भी कुत्तों को नहीं पकड़वाया जा रहा। अब सुप्रीम कोर्ट ने इनको पकड़वाने का आदेश दिया तो अधिकारियों में हलचल जरूर दिखी। अब जल्द ही कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाने के लिए कहा जा रहा है। इसके लिए सभी विभाग आपस में तालमेल करने के साथ ही गाड़ी व अन्य सामान मंगवा रहे हैं।
यहां नहीं कोई शेल्टर होम, न छोड़ा जाता टेंडर
जिले में लावारिस कुत्तों को रखने के लिए कोई भी शेल्टर होम नहीं हैं और न ही इन्हें पकड़वाने के लिए कोई टेंडर छोड़ा गया है। पालिका के अफसरों ने शेल्टर होम बनाने के लिए कोई पहल तक नहीं की है। यहां कुत्तों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
-कोर्ट रोड स्थित भजन विहार काॅलोनी में काफी लावारिस कुत्ते हैं। पालिका को कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक इन्हें पकड़ने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया। -अनिल यादव
- शहर के गायत्रीपुरम में लावारिस कुत्ते लोगों के पीछे भाग लेते हैं। बच्चों व लोगों को काटकर घायल कर चुके हैं। यदि कोई सामान लेकर जाता है तो उसके पीछे भी भागकर काटते हैं। ऐसे में हर कोई इनसे परेशान है। -कुलदीप देव शर्मा
- शहर में ऑफिसर हॉस्टल के पास काफी कुत्ते रहते हैं। स्कूल जाते समय कई बच्चों को कुत्ते काटकर घायल कर चुके हैं। पालिका के अफसर भी इन्हें पकड़ने पर ध्यान नहीं दे रहे। -सुनीता भारद्वाज
-शहर के बड़ौत रोड स्थित महाबीर एंक्लेव से कुत्तों को पकड़ने की मांग कई बार की जा चुकी है। एक सप्ताह पहले कुत्ते ने मुझे भी काट लिया था। इसके अलावा कई लोगों को भी कुत्ते काटकर घायल कर चुके हैं। -सीमा देवी
जन्माष्टमी के बाद लावारिस कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। इसके नोडल अधिकारी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी हैं। कुत्ते पकड़ने के लिए नगर पालिका कर्मियों के साथ उनकी टीम भी रहेगी। तब तक गाड़ी व जाल समेत अन्य सामान की व्यवस्था की जा रही है। -केके भड़ाना, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बागपत