बिनौली। रंछाड़ गांव के अक्षय आत्महत्या प्रकरण की गूंज लखनऊ तक भी पहुंच है। इसके बाद भी डीएम-एसपी ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार का हाल-चाल नहीं लिया। चर्चा रही कि बृहस्पतिवार को यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बागपत आते हैं तो पीड़ित परिवार से मिलने रंछाड़ गांव जाएंगे। इसके बाद भी दोनों शीर्ष अधिकारियों ने गांव का रुख करना मुनासिब नहीं समझा।
अक्षय आत्महत्या प्रकरण को लेकर रंछाड़ गांव में सोमवार की रात जमकर बवाल हुआ था। कई थानों की पुलिस और पीएसी को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा था। इसके चलते एसपी अभिषेक सिंह ने इंस्पेक्टर समेत 13 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। शासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। मुख्यमंत्री की ओर से शोकाकुल परिजनों को पांच लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई। चर्चा यह भी रही कि यदि मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को बागपत आते हैं तो वह शोकाकुल परिवार से मिलने जाएंगे। इसके बाद भी डीएम और एसपी अभी तक रंछाड़ गांव नहीं पहुंचे। अधिकारियों के रवैये को लेकर ग्रामीण आक्रोशित है।
पुलिस की बर्बरता का ग्रामीण करते रहे जिक्र
अक्षय आत्महत्या प्रकरण में तीसरे दिन बुधवार को भी रंछाड़ गांव में शोक का माहौल रहा। गांव में बैठे जगह-जगह बैठे लोग पुलिस की बर्बरता का जिक्र करते रहे। शोक संवेदनाएं प्रकट करने के लिए उनके घर ग्रामीणों का तांता लगा रहा।