- बड़ौत देशखाप चौधरी के आवास पर आज होगी थांबेदारों और खाप चौधरियों की बैठक
- मुजफ्फरनगर की बालियान खाप के बाद मंथन कर रही देशखाप
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। बालियान खाप के बाद देशखाप चौरासी भी सामाजिक तरीके से भाजपा पर दबाव बनाने के लिए कड़ा कदम उठा सकती है। कृषि कानूनों की वापसी के लिए भाजपा पर दबाव बनाने के लिए सामाजिक फैसला लिया जा सकता है। देशखाप चौधरी के बड़ौत स्थित आवास पर शुक्रवार को महत्वपूर्ण पंचायत होगी। भाजपा नेताओं को शादी-ब्याह में न्योता रोका जा सकता है।
कृषि कानूनों के खिलाफ 85 दिन से आंदोलन चल रहा है। सरकार और किसानों के बीच बातचीत का सिलसिला भी टूट चुका है। भाजपा सरकार पर दबाव बनाने के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश की खाप पंचायतों ने नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है। मुजफ्फरनगर की बालियान खाप के चौधरी एवं भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने आह्वान किया है कि शादी-ब्याह में भाजपा नेताओं को न्योता ना भेजें। जो व्यक्ति भाजपा नेताओं को बुलाएगा, दंड का भी प्रावधान किया गया है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी खाप पंचायत देशखाप भी कड़ा कदम उठा सकती है। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि खाप के जिम्मेदार लोगों से मशवरा कर ही अंतिम फैसला किया जाएगा। सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए। किसान आंदोलन में अगर जरूरत पड़ी तो अन्य सामाजिक संगठनों का सहयोग भी लिया जाएगा। सर्वसमाज के लोग किसानों के साथ हैं और उन्हें एकजुट किया जाएगा।