बागपत में जिसकी हत्या का डेढ़ साल पहले मुकदमा दर्ज कराया गया था, अब उसके पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद होने का दावा किया गया है। वहीं, शव से लिए गए डीएनए सैंपल का पिता व भाई के साथ भी मिलान नहीं हो सका। इस मामले में जेल में बंद आरोपियों के भाई ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी भेजकर जांच कराकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
गाजियाबाद जिले के डिडौली गांव के जंगल में 12 अगस्त 2022 को एक युवक का शव पड़ा मिला था। जिसका पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया। कुछ दिन बाद गाजियाबाद के नेकपुर गांव निवासी तेजपाल ने कपड़े देखकर शव की पहचान अपने बेटे तेजवीर उर्फ जोनी के रूप में की थी। साथ ही नेकपुर गांव निवासी सतीश उर्फ पप्पू, सतीश उर्फ लीलू, चमरावल गांव निवासी डेयरी संचालक गौरव त्यागी और बिट्टू उर्फ प्रदीप के खिलाफ मुरादनगर थाने में हत्या समेत एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और घटनास्थल चांदीनगर क्षेत्र का बताकर जांच चांदीनगर थाने में ट्रांसफर कर दी।