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अहैड़ा में लाइन खींचने का विरोध, किसानों पर मुकदमा

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बागपत। हरसिया बिजलीघर की लाइन पर चल रहे कार्य को किसानों ने फिर रुकवा दिया। अहैड़ा गांव में किसानों ने लाइन खींचने के विरोध में हंगामा किया। इस दौरान विद्युत निगम की टीम और पुलिस को खरी-खोटी सुनाई। निगम की टीम वापस लौट गई। निगम के जेई ने तीन लोगों को नामजद कर 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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बागपत से हरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने के लिए खंभे खड़े किए जा रहे हैं। गांव दुड़भा, अहैड़ा, सुहेंडा, ढ़िकौली समेत कई गांवों के किसानों की मांग है कि उनको जमीन का उचित मुआवजा मिले, इसके बाद ही खेत के ऊपर से लाइन जाने दी जाएगी। इसको लेकर पिछले छह माह से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। दो दिन पहले विद्युत निगम (ट्रांसमिशन) के अधिकारियों ने पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में काम शुरू कर दिया था।
मंगलवार को वीरेंद्र, सुभाष, जगवीर, जोगेंद्र, सतपाल, ब्रहम सिंह, अभिषेक, बलबीर, टीटू, राहुल, लीलू समेत अन्य किसान खेत में पहुंचे। उन्होंने निगम के अफसरों से काम बंद करने के किए कहा। किसानों और निगम की टीम की नोकझोंक हुई। किसानों ने उनको खरी-खोटी सुनाई। पुलिस और पीएसी ने किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान पीछे नहीं हटे। किसानों ने कहा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक यहां पर काम नहीं होने दिया जाएगा। विरोध के दौरान शकुंतला नाम की महिला बेहोश हो गई । इससे अफरा-तफरी मच गई। परिजन महिला को लेकर चिकित्सक के पास पहुंचे। बाद में पुलिस और निगम की टीम लौट आई। निगम के एसडीओ (ट्रांसमिशन) अंकित गंगवार का कहना है कि किसानों ने काम रुकवा दिया है। निगम फसल की क्षतिपूर्ति देने को तैयार है। किसानों ने सरकारी कार्य में बाधा डाला है। इस मामले में जेई (ट्रांसमिशन) राजेश कुमार पटवा की तहरीर पर किसान वीरेंद्र, पुत्र कालू और सुभाष पुत्र भगवान सिंह निवासी ढिकौली और जगवीर पुत्र रतिराम निवासी अहैड़ा और 10-15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार का कहना है कि इस मामले में रिपोर्ट दर्ज हो गई है।
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पहले भी हो चुका है किसानों पर मुकदमा
बागपत। लाइन का काम रुकवाने का किसानों पर पहले भी मुकदमा हो चुका है। किसानों ने अहैड़ा गांव में तीन माह पहले 18 दिन धरना धरना दिया था। अफसरों ने उनको नियमानुसार मुआवजे देने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही धरना समाप्त हुआ।

चोरी से काम शुरू करने का आरोप
बागपत। किसानों का कहना है कि विद्युत निगम के अफसर पुलिस के साथ मिलकर चोरी से काम शुरू करते हैं। उनका कहना है कि वे मरने के लिए तैयार है, लेकिन बगैर उचित मुआवजे के टावर का काम नहीं होने देंगे।
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