बड़ौत। गोपालपुर खडाना गांव में सुभाष के खेत में मिले तेंदुए के सड़े-गले शव का मामला मेरठ के मुख्य वन संरक्षक आदर्श कुमार तक पहुंचा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए डीएफओ राजेश कुमार को जांच सौंप दी है। साथ ही दोषी पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गत 21 जुलाई को गांव के खेत में चार वर्षीय नर तेंदुए का शव मिला था। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि तेंदुए की मौत करीब आठ दिन पहले हो चुकी थी। शव पूरी तरह सड़ चुका था। क्षेत्र के ग्रामीणों में रविंद्र, पिंटू, अमित, मिंटू आदि ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि विभाग की तस्करों और लकड़ी माफियाओं से सांठगांठ है, जिससे न तो इलाके में गश्त होती है और न ही निगरानी। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में यहां 9 तेंदुए संदिग्ध हालात में मारे जा चुके हैं, लेकिन किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले में उच्च स्तर से सख्ती दिखाई जा रही है। मेरठ के मुख्य वन संरक्षक आदर्श कुमार ने इसे गंभीर मानते हुए जांच डीएफओ को सौंपी है।
वर्जन
तेंदुए का शव मिलना बेहद गंभीर विषय है। डीएफओ मेरठ को जांच सौंपी गई है। लापरवाही या संलिप्तता सामने आने पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। -आदर्श कुमार, मुख्य वन संरक्षक, मेरठ