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हाईकोर्ट का आदेश : दुष्कर्म पीड़िता किशोरी का गर्भपात कराया

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अमीनगर सराय। हाईकोर्ट के आदेश पर सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक गांव की साढ़े चार महीने की गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता किशोरी का गर्भपात कराया गया। मेरठ के मेडिकल कॉलेज में पांच चिकित्सकों की समिति की देखरेख में बृहस्पतिवार को उसका गर्भपात हुआ। इसके बाद शुक्रवार को किशोरी को छुट्टी देकर घर भेजा गया, मगर चिकित्सक उसकी देखरेख करेंगे।
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सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक गांव की किशोरी के साथ करीब साढ़े चार महीने पहले गांव के युवक ने दुष्कर्म किया। किशोरी ने परिवार वालों को कुछ नहीं बताया। कुछ दिन बाद किशोरी की हालत बिगड़ी तो परिवार वालों के उसके गर्भवती होने का पता चला। तहरीर मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। किशोरी का गर्भपात कराने के लिए परिवार वालों ने जिला न्यायालय में याचिका दायर कराई, जिस पर न्यायाधीश ने सीएमओ से रिपोर्ट मांगी। सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि साढ़े चार महीने की गर्भवती किशोरी का गर्भपात कराया जा सकता है लेकिन खतरे से इन्कार नहीं किया जा सकता। इस पर न्यायाधीश ने गर्भपात कराने के लिए दायर की गई याचिका खारिज कर दी।
इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने गर्भपात कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस पर हाईकोर्ट ने सीएमओ से दोबारा रिपोर्ट मांगी तो वहां भी पहले की तरह रिपोर्ट भेजी गई कि गर्भपात कराया जा सकता है, मगर खतरे से इन्कार नहीं किया जा सकता। इस पर हाईकोर्ट ने 26 अगस्त की शाम को आदेश दिया कि पांच चिकित्सकों की समिति गठित कर 24 घंटे में गर्भपात कराया जाए। मेरठ मेडिकल कॉलेज में सीएमओ की अध्यक्षता में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट व मनोचिकित्सक की समिति बनाई गई।
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गर्भवती किशोरी को 27 अगस्त को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां बृहस्पतिवार को उसका गर्भपात कराया गया। इसके बाद शुक्रवार को किशोरी को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। वहीं गर्भपात के बाद पीड़िता चिकित्सकों की देखरेख में रहेगी। इसके लिए चिकित्सक की ड्यूटी भी लगाई गई है, जिससे उसको किसी तरह की परेशानी न हो।
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