दोघट कस्बे के जंगल में जाल लगाकर पकड़े गए गोवंश। स्रोत:विडियोग्रैब
बड़ौत। खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे गोवंशों को फंसाने के लिए किसानों ने चंदा एकत्र करके ऐसा जाल बुना कि उसमें गोवंश फंसने शुरू हो गए। यह पहल दोघट कस्बे के किसानों ने शुरू की। इन्होंने डेढ़ लाख रुपये चंदा एकत्र करके गोवंश पकड़ने के लिए मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर से टीम बुलाई। जो खेतों में बल्लियों पर जाल बांधकर गोवंश पकड़ रही है।
जिले में शायद ही कोई ऐसा गांव होगा, जहां गोवंशों से किसान परेशान नहीं हैं। गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए ही किसानों को रात भर अपनी फसलों की रखवाली करनी पड़ती है। किसानों के कुछ समय के लिए घर जाते ही गोवंश उनकी फसल को बर्बाद कर देते हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया तो किसानों ने खुद ही इसका समाधान निकाला है। दोघट के किसानों ने डेढ़ लाख रुपये चंदा एकत्र करके मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर से तीन टीमों को बुलाया है। इन टीमों में 15 सदस्य है। टीम एक गोवंश को पकड़ने के लिए 1500 रुपये लेती है। यहां अभी तक सौ से ज्यादा गोवंश टीम ने पकड़े और उनको कस्बे में संचालित नगर पंचायत की गोशाला में छोड़ा गया। n30 फीट ऊंचा लगाते हैं जाल : जिन जगहों पर गोवंश ज्यादा रहते हैं या उनका झुंड रहता है। वहां यह टीम खेत में बल्लियां लगा देती है और उसपर 30 फीट ऊंचाई तक जाल बांधते है। इसके बाद किसानों की मदद से गोवंशों को जाल की ओर भेजते है। जैसे ही गोवंश भागने का प्रयास करता है तो वह जाल में फंस जाता है। उनके हाथ-पैर बांध दिए जाते हैं और ट्रैक्टर की मदद से जाल में फंसे गोवंश को बाहर निकाल दिया जाता है। संवाद