बागपत। यहां निवेश करने के लिए जिन निवेशकों ने दो साल पहले एमओयू कराए थे, वह गायब होने लगे हैं। अभी तक 500 करोड़ रुपये से ज्यादा के एमओयू करने वाले निवेशक गायब हो गए। उन्होंने अधिकारियों के फोन उठाने बंद कर दिए और ईमेल का जवाब भी नहीं दे रहे। इसलिए उनके एमओयू निरस्त करके निवेश सारथी पोर्टल से नाम हटवाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
यहां जनवरी 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 140 निवेशकों ने बागपत में 18156 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश के लिए एमओयू साइन किए थे। इस तरह धड़ाधड़ आए निवेश के प्रस्तावों से लोगों को औद्योगिक विकास की उम्मीद जगी। मगर दो साल बीतने पर यह उम्मीद टूटने लगी। अब तक 53 निवेशकों ने 2509 करोड़ रुपये का ही औद्योगिक निवेश किया है। इनमें अधिकतर ऐसे निवेशक हैं, जिनके यहां पहले से ही उद्योग थे और उनका विस्तार किया गया। बाकी 15647 करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश नहीं हुआ है।
गजब की बात यह है कि जिन्होंने औद्योगिक क्रांति लाने के लिए बागपत में मोटे निवेश के लिए एमओयू साइन किए थे, उनमें कुछ गायब हो गए तो कई मैदान छोड़कर जाने लगे। तीन उद्यमियों ने एमओयू ड्राप करने की इच्छा जताई। वहीं, जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र की ओर से अब आठ निवेशकों के एमओयू को निरस्त करके निवेश सारथी पोर्टल से हटाने की संस्तुति की गई। यह आठ निवेशक ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 4.0 में शामिल थे।
कॉल रिसीव किया न ईमेल का जवाब दिया
जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र से भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया कि एमओयू करने के बाद मैसर्स अतर सैन से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया। मगर इनसे संपर्क नहीं हो रहा है। ईमेल करने के बावजूद निवेश के लिए कोई जवाब नहीं दिया गया।
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इनको निवेश सारथी पोर्टल से हटाने की संस्तुति
एसपी इलेक्ट्राॅनिक्स, वीवटेक्स ओवरसीज, मैसर्स अतर सैन, कालिंदी स्टेट प्राइवेट लिमिटेड, अभिनव पेपर प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड, बागपत बायोग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, वायर नेटिंग एंड अदर अलायड को निवेश सारथी पोर्टल से हटाने की संस्तुति की गई है।
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इकाई एमओयू की राशि
कालिंदी स्टेट प्राइवेट लिमिटेड 200 करोड़
अभिनव पेपर प्रोजेक्टस प्रा. लि. 100 करोड़
वीवटेक्स ओवरसीज 75 करोड़
बागपत बायोग्रीन प्राइवेट लिमिटेड 35 करोड़
वायर नेटिंग एंड अदर अलायड 5 करोड़
नोट: यह केवल चार मुख्य निवेशक हैं।
एमओयू कर निवेश नहीं करने वाले निवेशकों का ब्योरा मांगा था। इसलिए आठ निवेशकों को निवेश सारथी पोर्टल से हटवाने की संस्तुति की गई है। एमओयू करने वाले कई ऐसे हैं जो न फोन उठाते हैं और न ईमेल का जवाब देते हैं। कुछ निवेशक जमीन नहीं मिलने या प्लान बदलने के कारण निवेश नहीं कर पाए। - अर्चना तिवारी, उपायुक्त उद्योग