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एक साल से फाइलों में बंद फर्जी सैंपलिंग अपलोड करने का मामला

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तत्कालीन सीएमओ ने फर्जी सैंपलिंग अपलोड करने वाले छपरौली सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्सक के खिलाफ बैठाई थी जांच
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रिकार्ड अच्छा दर्शाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर तकरीबन 150 फर्जी सैंपलिंग किए गए थे अपलोड
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कोरोना काल में अफसरों को गुमराह कर स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर लगभग 150 फर्जी सैंपलिंग अपलोड करने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में तत्कालीन सीएमओ ने डीएम के आदेश पर फर्जी सैंपलिंग अपलोड करने वाले छपरौली सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्सक के खिलाफ जांच बैठाई थी। एक साल बाद भी स्वास्थ्य विभाग यह जांच पूरी नहीं हुई है। अब मामला फिर से उजागर हुआ तो स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे है।
अगस्त-सितंबर 2020 के बीच छपरौली सीएचसी पर तैनात एक चिकित्सक ने अपना रिकार्ड अच्छा दर्शाने के लिए कुछ गिने-चुने मोबाइल नंबरों से स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर तकरीबन 150 फर्जी सैंपलिंग अपलोड कर दिए थे। तत्कालीन डीएम शकुंतला गौतम कोरोना से जुड़ी प्रत्येक रिपोर्ट का स्वयं अवलोकन कर रही थी। तभी उनकी पकड़ में यह मामला आया था। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को जमकर फटकार लगाई थी और तत्कालीन सीएमओ डॉ. आरके टंडन को चिकित्सक को तुरंत सीएचसी छपरौली से हटाने व उसके खिलाफ जांच बैठाने के आदेश दिए थे। सीएमओ ने चिकित्सक को तुरंत छपरौली सीएचसी से हटा दिया था और उनके खिलाफ जांच बैठाते हुए वर्तमान में एसीएमओ डॉ. दीपा को जांच के निर्देश दिए थे। हैरानी की बात तो यह है कि एक साल बीतने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग इस मामले को दबाए बैठा है।
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एक बार मामला सामने आया था। दोबारा से रिकार्ड चेक कर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ।
तत्कालीन सीएमओ डॉ. आरके टंडन ने उक्त चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मुझे जांच सौंपी थी। कुछ दिनों बाद मुझे जांच लेकर किसी अन्य को दे दी थी। फिलहाल आगे की जानकारी मुझे नहीं है। - डॉ. दीपा, एसीएमओ।
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