बागपत। नगर में चमरावल रोड स्थित दुड़भा गांव के समीप बस अड्डा बनाया जाएगा। इसके लिए राजकीय महाविद्यालय के नाम कराई गई जमीन को परिवहन निगम को स्थानांतरित कराया है। इस तरह जिला बनने के 24 साल बाद बस अड्डा बनने की उम्मीद जगी है। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने पिछले महीने मुख्यमंत्री के सामने प्रकरण उठाया था।
बागपत को वर्ष 1997 में जिले का दर्जा दिया गया था। इसके बावजूद यहां सभी सरकारी भवन नहीं बन सके हैं। यही कारण है कि यहां अलग-अलग जगह पर बसें खड़ी होती हैं और यात्रियों को भटकना पड़ता है। यहां सोनीपत की बसें नगर में खड़ी होती हैं। दिल्ली व बड़ौत के लिए बसें नेशनल हाईवे पर खड़ी होती हैं। मेरठ के लिए बस राष्ट्र वंदना चौक के समीप सडक़ पर खड़ी होती हैं। इसलिए बस अड्डा बनाए जाने की मांग अरसे से उठ रही थी।
नगर में कई जगह देखी जमीन
नगर में बस अड्डा बनाने के लिए पहले सिसाना के समीप जमीन देखी गई। इसके बाद नौरोजपुर रोड पर बस अड्डा बनाने का प्रस्ताव आया। इसके बाद भी कई जगह जमीन देखी, लेकिन फाइनल नहीं की जा सकीं। बस अड्डा बनवाने की घोषणा सरकारें करती रहीं परंतु जमीन पर नहीं उतरीं। प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह व विधायक योगेश धामा बस अड्डा निर्माण के लिए मुख्यमंत्री से मिले थे। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने पिछले महीने भी बस अड्डा निर्माण जल्द कराए जाने की मांग सीएम के सामने रखी थी।
जमीन का निरीक्षण किया
बस अड्डा बनाने के लिए शासन को कई प्रस्ताव भेजे गए। आखिरकार चमरावल रोड पर दुड़भा गांव के निकट मंजूरी मिली। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के अनुसार दुड़भा में खसरा नंबर 280 की .4150 हेक्टेयर जमीन राजकीय महाविद्यालय के नाम 6 अप्रैल 2010 को दर्ज की गई थी। इस पर बस अड्डा बनाने के लिए राज्य सडक़ परिवहन निगम के नाम स्थानांतरित कर दिया गया है। इस जमीन का शुक्रवार शाम अधिकारियों ने निरीक्षण किया। वहां बस अड्डा निर्माण जल्द शुरू कराने की बात कही है।