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बैंक कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों का किया विरोध

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बड़ौत (बागपत)। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में बुधवार को बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम में पूर्ण हड़ताल रही। इससे कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
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इंडियन बैंक एंप्लायज यूनियन के साथ अन्य श्रमिक यूनियनों के आह्वान पर बड़ौत तहसील में बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे बैंकों में कारोबार ठप रहा। बैंकों के समस्त कर्मचारी और अधिकारी बुधवार को सुबह करीब 11 बजे सिंडिकेट बैंक शाखा के गेट पर एकत्र हुए। इस दौरान केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शनकारी अपने 11वें समझौते, रिक्त पदों पर भर्ती करने, एनपीए लेवल कम करने तथा श्रम कानूनों में एवं श्रमिक विरोधी प्रावधान जोड़ने के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे। प्रदर्शन के बाद सिंडिकेट बैंक, ओरिएंटल बैंक, केनरा बैंक, आंध्रा बैंक, सेंट्रल बैंक, कारपोरेशन बैंक, इंडियन बैंक, विजया बैंक के समस्त कर्मचारी की बैठक हुई। इसमें बोलते हुये यूएफबीयू के संयोजक विक्रम आर्य ने बताया सरकार की अव्यवहारिक एवं श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण देश की विकास दर पांच प्रतिशत से भी नीचे आ गई है। उद्योग जगत भयंकर मंदी के चपेट में है। बेरोजगारी की दर भी बढ़ रही है। इन हालात में सरकार बैंकों में भर्ती नहीं कर रही है। सरकार पूरी तरह भ्रम की स्थिति में है। बैंक कर्मचारी सरकार की इन श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध करते रहेंगे। इसमें नीरज, राजेश कुमार, भूपेंद्र, अधीर कुमार भारती, अभिषेक गौड़, ओमशंकर, सचिन, दीपक कुमार, मोहम्मद नवाज, मुकेश तंवार, सचिन पंवार, सन्नी, आदि रहे।
दूसरी ओर ट्रेड यूनियन व एआईआईईए के आह्वान पर भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा बड़ौत की सभी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों के अनुसार वेतन, पूर्ननिर्धारण, सरकार की श्रम विरोधी नीति व आर्थिक नीतियों में परिवर्तन तथा निजीकरण का विरोध जताया और बीमा क्षेत्र में आईपीओ, एफडीआई निर्धारण का विरोध कर प्रदर्शन किया। इसमें अशोक चौहान, रामबीर, प्रदूमन, पल्लव, रामबीर, सुधीर, सुमित, अक्षय, नीरज आदि रहे।
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