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Baghpat: यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ा, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न, जानें कहां-कहां मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

Thu, 21 Aug 2025 06:15 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

पहाड़ों पर बारिश के कारण यमुना व हिंडन नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। कई गांवों में किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं, वहीं पशुओं के लिए चारे की समस्या हो गई है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। 

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जलस्तर बढ़ने से खेतों में भरा गंगा नदी का पानी।
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विस्तार
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पहाड़ों पर बारिश के चलते पानी छोड़े जाने से यमुना और हिंडन नदी में जलस्तर बढ़ गया है। इससे हिंडन किनारे बसे मुकारी, ललियाना समेत कई गांवों में खेतों में खड़ी पशुओं के चारे की फसल जलमग्न हो गई। इसके साथ ही बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है।

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पिछले कुछ दिनों से पहाड़ों पर भारी बारिश के चलते यमुना और हिंडन नदी में हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। बुधवार को यमुना नदी में छोड़ा गया 30 हजार क्यूसेक पानी बृहस्पतिवार को पहुंच गया। जलस्तर बढ़कर किनारों तक पहुंच गया। यमुना खादर में उगाई गई सब्जी और पशुओं के चारे की फसल जलमग्न हो गई। 

इसका पता चलते ही किसान भी अपने खेतों में पहुंचे और फसल काटने में जुट गए। हालांकि जलस्तर बढ़ने के बाद किसानों को वापस लौटना पड़ा। उधर, जलस्तर बढ़ने से हिंडन नदी का पानी भी किनारों से बाहर आ गया। इससे किनारे बसे पुरा महादेव, मुकारी, ललियाना, गढ़ी कलंजरी, सरफाबाद, कहरका समेत कई गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इस समय यमुना नदी में 210 मीटर व हिंडन नदी में 211 मीटर पर जलस्तर चल रहा है।

बाढ़ चौकियां अलर्ट, किसानों को नदियों से दूर रहने की सलाह
यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने पर जिले में बाढ़ चौकियां अलर्ट कर दी गई हैं। इसके बाद प्रशासन की टीम यमुना और हिंडन नदी किनारे बसे गांवों में जाकर किसानों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करती नजर आ रही है। इसके अलावा किसानों को नदियों और जलभराव वाले खेतों से दूर रहने की भी सलाह दी जा रही है।

किसानों ने प्रशासन से लगाई गुहार
सरफाबाद गांव में सुरेश की 10 बीघा ज्वार, अंग्रेज की पांच बीघा धान, अरुण की पांच बीघा धान, जितेंद्र की 10 बीघा धान, भोपाल की तीन बीघा ज्वार, चरनी की आठ बीघा गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा कर्म सिंह की पांच बीघा ज्वार की फसल, ऋषि की 15 बीघा धान, अशोक की पांच बीघा ईख, मुन्ना की आठ बीघा धान, भिखारी की तीन बीघा धान सहित अन्य किसानों की लगभग 350 बीघा फसल में हिंडन नदी का जल स्तर बढ़ने से जलमग्न हो गई है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है।

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ये बोले
यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। किसानों को नदियों के किनारे जाने से रोका जा गया है। बाढ़ राहत नियंत्रण विभाग की टीम गांवों का लगातार दौरा कर रही है।
- रजनीश कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग

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