जेलर जितेंद्र कश्यप ने बताया कि उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने कुछ नहीं बताया। जब उनको एनीमा लगाने की बात कही गई तो उन्होंने अपने संवेदनशील अंग से नशे की 800 गोलियां निकालकर दीं। गोलियों को जब्त कर लिया गया और उनके खिलाफ खेकड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
पॉलिथीन में गोलियां रखकर संवेदनशील अंग में रखीं
जेलर जितेंद्र कश्यप ने बताया कि एक आरोपी आसिफ पहले भी कई बार चोरी के मामले में जेल में आ चुका है। तब भी वह नशीला पदार्थ रखने की गतिविधियों में लिप्त रहा था। इसलिए भी उस पर शक हुआ और उसकी गतिविधियां भी संदिग्ध लगीं। जेलर के अनुसार उन्होंने गोलियों को निकालकर पहले कई जगह पॉलिथीन में रखा और उसके बाद संवेदनशील अंग में रखा हुआ था। वह जेल के अंदर नशीली गोलियों को इस्तेमाल करने के साथ ही अन्य को दे सकते थे।
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मेडिकल स्टोरों पर ज्यादा पैसे देकर आसानी से मिल रहीं गोलियां
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनको मेडिकल स्टोर से आसानी से नशीली गोलियां एल्प्रेक्स मिल जाती हैं। इसके लिए मेडिकल स्टोर वाले ज्यादा पैसे लेते हैं, जबकि इस तरह की नशीली दवाइयां मेडिकल स्टोर पर बेचना प्रतिबंधित है और उनको केवल चिकित्सक के परामर्श पर ही दिया जा सकता है। इस तरह से मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाइयों को बेचा जा रहा है।
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