राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य कुमारी सैय्यद शहजादी
- फोटो : अमर उजाला
बागपत में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य कुमारी सैय्यद शहजादी ने कहा कि दारुल उलूम देवबंद के छात्रों के दाढ़ी कटवाने पर निष्कासन करने के फैसले के बारे में पता चला है। इस मामले में हम सीधे तौर पर कुछ नहीं कह सकते, लेकिन किसी को निष्कासित करने की शिकायत मिलने पर जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बागपत कलक्ट्रेट सभागार में पहुंची सैय्यद शहजादी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते है कि हर किसी को न्याय मिलना चाहिए। अगर किसी को लगता है कि अल्पसंख्यक होने के कारण उसके साथ अन्याय हो रहा है और उसे दाढ़ी कटवाने पर निष्कासित किया जाता है। ऐसे में वह हमारे पास शिकायत करे तो वहां के डीएम व एसपी से इस बारे में पूछा जाएगा कि आखिर ऐसा क्यों हुआ है। इसके साथ ही मामले में आयोग की बैठक करके फैसला लिया जाएगा।
यह भी पढ़ें: Meerut: नग्न अवस्था में मिला था गर्भवती का शव, 10 दिन बाद भी न हुई पहचान, किट्टू-शिवांगी का भी नहीं सुराग
एक हाथ में कुरान तो दूसरे में कंप्यूटर रहे
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य कुमारी सैय्यद शहजादी ने कहा कि मदरसों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए पंजीकृत कराना जरूरी है। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि मदरसों में शिक्षा ग्रहण करने वालों के एक हाथ में कुरान शरीफ और दूसरे में कंप्यूटर रहे। वह मॉडल शिक्षा ग्रहण करें, जो आज के दौर में जरूरी है। इसलिए मदरसों का ज्यादा से ज्यादा पंजीकरण कराना जरूरी है।
यह भी पढ़ें: WEDDING PHOTOS: मेरठ की बहू बनीं दिव्या काकरान, सचिन संग लिए फेरे, आशीर्वाद देने पहुंचे दिग्गज नेता और बृजभूषण