बागपत में शहजाद हत्याकांड मामला।
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बागपत जनपद के चांदीनगर में मिली सिर कटी लाश के मामले में दिल्ली पुलिस आज भी खाली हाथ लौट गई। दिल्ली निवासी शहजाद का सिर हत्यारोपियों ने मुबारिकपुर से करीब आठ किलोमीटर दूर ललियाना के पास हिंडन में फेंक दिया था। मंगलवार को दिल्ली पुलिस पकड़े गए दोनों हत्यारोपी रियासत और जावेद को साथ लेकर मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से घंटों तक हिंडन में सिर की तलाश कराई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद टीम लौट गई।
दिल्ली के सीमापुरी क्षेत्र के सनलाइट कॉलोनी निवासी शहजाद (50 वर्ष) पुत्र गुलाम मोहम्मद सटरिंग का काम करता था। वह 12 जुलाई से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। इसके बाद परिजनों ने सीमापुरी थाने में शहजाद की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। परिजन उसी दिन से उसकी तलाश में जुटे थे। 16 जुलाई की सुबह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के पास मुबारिकपुर निवासी किसान भीम सिंह के खेत में उसका सिर कटा शव मिला था। जेब से मिले कागजातों से पुलिस ने उसकी पहचान कर दिल्ली की सीमापुरी पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की शिनाख्त की थी। पुलिस ने इस मामले में रटौल निवासी रियासत और एक जावेद नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को दिल्ली पुलिस पकड़े गए दोनों हत्यारोपी रियासत और जावेद को साथ लेकर मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से घंटों तक हिंडन में सिर की तलाश कराई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद टीम लौट गई।
परिजनों के जाम लगाने के बाद हरकत में आई पुलिस
शहजाद हत्याकांड में परिजनों ने दिल्ली पुलिस पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई नहीं कर रही है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हाथ पर शांत बैठ गई। अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास नहीं किया गया। शहजाद का सिर तलाश करने में भी पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। परिजनों ने दिल्ली में मार्ग जाम करते हुए जमकर हंगामा किया। इसके बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आई।