Fire in Elevator: सोमवार देर शाम लिफ्ट में लगे सेंसर में आग लग गई। इसके बाद धुआं फैलता चला गया। बच्चा वार्ड तक भी धुआं पहुंचने से बहुत परेशानी हुई। काफी देर हंगामे के हालात रहे।
महिला अस्पताल की लिफ्ट में लगे सेंसर में सोमवार देर शाम शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। धुएं के कारण वहां भर्ती सात मरीजों की हालत बिगड़ गई। एसएनसीयू में भी धुआं फैलने से अफरा तफरी मच गई। बाद में खिड़की व दरवाजे खोलकर धुआं बाहर निकाला गया। कई मरीजों को डायलिसिस व अन्य वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा।
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अस्पताल से बाहर निकलते मरीज और तीमारदार।
- फोटो : अमर उजाला
महिला अस्पताल में 15 दिन पहले लिफ्ट को चालू किया गया था, ताकि गर्भवती महिलाओं व ऑपरेशन के लिए आने वाली महिलाओं को अस्पताल की दूसरी मंजिल पर जाने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। लिफ्ट में सेंसर भी लगाया गया था, ताकि किसी भी तरह की घटना होने पर पता चल सके।
अस्पताल में फैला धुआं।
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार देर शाम लिफ्ट के सेंसर में अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद अस्पताल में धुआं फैल गया और वहां अफरी तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद कर्मचारी पहुंचे और लिफ्ट को खोलकर वहां रखे सिलिंडर से आग पर काबू पाया।
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी पहुंच गई थी। धुआं उठने के कारण संतोष, शिवानी, भावना, मुन्नी समेत सात से अधिक मरीजों की हालत बिगड़ गई। इन्हें डायलिसिस व अन्य वार्डों में भर्ती कराया गया। ये लोग बेहोशी की हालत में पहुंच गए और उपचार के बाद इनकी हालत में सुधार हुआ।
धैर्य बनाए रखने को कहते सीएमएस।
- फोटो : अमर उजाला
मरीजों को भागने के लिए नहीं मिला दरवाजा
महिला अस्पताल का मुख्य द्वार बंद था और ओपीडी के पास वाला छोटा द्वार खोल रखा था। लोकेंद्र व अनीस ने बताया कि जब अस्पताल में धुआं उठने लगा तो मरीज बाहर भागने लगे। मगर मुख्य द्वार बंद होने के कारण परेशानी उठानी पड़ी। उन्हें छोटे द्वार से ही बाहर निकलना पड़ा।
रसोली का ऑपरेशन करानी आई थी महिला
मंडौला गांव निवासी निखिल ने बताया कि अपनी मां संतोष का रसोली का ऑपरेशन कराने के लिए महिला अस्पताल लेकर आया था। सोमवार को अस्पताल में भर्ती थी। अचानक धुआं उठने के कारण वह बेहोश हो गई और उन्हें डायलिसिस में भर्ती कराया गया। काफी देर बाद होश आया।
एसएनसीयू में भी पहुंचा धुआं
महिला अस्पताल में बच्चों को भर्ती करने के लिए एसएनसीयू को बनाया गया है, इसमें दस बेड है। जब लिफ्ट में आग लगी तो धुआं एसएनसीयू में भी पहुंच गया था। इससे बच्चों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। बाद में अस्पताल के सभी दरवाजे व खिड़की खोलनी पड़ी और धुआं बाहर निकला।
ये बोले सीएमएस
महिला अस्पताल की लिफ्ट में आग लगने से धुआं नीचे आ गया था, लेकिन कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया था। धुआं उठने से किसी भी मरीज को ज्यादा परेशानी नहीं हुई है। मुख्य द्वार से कुछ लोग अंदर घुस जाते हैं। इसलिए उसको बंद किया जाता है। - डॉ. महेंद्र सिंह मलिक, सीएमएस जिला अस्पताल