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रोचक किस्सा: चौधरी चरण सिंह को रहती थी अपने प्रतिद्वंद्वी राजनारायण की चिंता, पढ़िए चुनाव की एक दिलचस्प कहानी

Fri, 29 Mar 2024 01:47 PM IST
कपिल kapil अंकित चौहान, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत

सार

Lok Sabha Election 2024: चुनाव से जुड़ा एक बहुत ही रोचक किस्सा सामने आया है। जानिए आखिर चौधरी चरण सिंह को अपने प्रतिद्वंद्वी राजनारायण की चिंता क्यों रहती थी।
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चौधरी चरण सिंह और राजनारायण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मौजूदा दौर में प्रत्याशी एक-दूसरे की छिछालेदारी करते हैं। वे अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने से गुरेज नहीं करते। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह का विपक्षी प्रत्याशियों को लेकर ऐसा व्यवहार रहता था जो उनकी राजनीति में एक अलग छवि दिखाता है। 

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रायबरेली में वर्ष 1977 के लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी को हराने वाले राजनारायण 1984 में चौधरी चरण सिंह को चुनौती देने के लिए बागपत चुनाव लड़ने पहुंच गए थे। चरण सिंह के सियासी गढ़ में चुनौती देना उस समय बड़ी बात थी। मगर राजनारायण ने चौधरी चरण सिंह के सामने पर्चा दाखिल कर दिया।

वहीं, राजनारायण नामांकन दाखिल करने के लिए पहुंचे तो लौटते हुए सामने से चौधरी चरण सिंह आ रहे थे। उनको देखते ही वह नतमस्तक हो गए। उनका हाथ पकड़कर अपने सिर पर रख लिया। उन्होंने चौधरी चरण सिंह से कहा कि मुझे चुनाव में जीत का आशीर्वाद दीजिए। चौधरी चरण सिंह ने तुरंत उनको जीत का आशीर्वाद दिया।

राजनारायण के साथ बदसलूकी न करने की करते थे अपील
राजनारायण देर रात तक चुनावी सभाएं करते थे। चौधरी चरण सिंह को बागपत में ऐसा करना थोड़ा खटकता था। उनको डर था कि किसी गांव में उनके साथ बदसलूकी न हो जाए। इसलिए ही चौधरी चरण सिंह अपनी हर सभा में यह अपील जरूर करते थे कि राजनारायण के साथ कोई बदसलूकी नहीं हो।

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तीसरे स्थान पर रहे थे राजनारायण 
चौधरी चरण सिंह लोकदल के टिकट पर 53 फीसदी वोट पाकर विजयी रहे, जबकि कांग्रेस के महेश चंद्र उपविजेता रहे। राजनारायण तीसरे स्थान पर चले गए और जमानत जब्त करवा बैठे।

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