बागपत। खेकड़ा में कृषि विज्ञान केंद्र पर विशेष तकनीक से युक्त स्वचालित मौसम केंद्र शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इसकी स्थापना कराई है। मौसम केंद्र के शुरू होने से आगामी पांच-छह दिन के मौसम का सटीक पूर्वानुमान मिल सकेगा। जिसका फायदा जिले के लाखों किसानों को मिल सकेगा और वे अपनी तैयारी कर सकेंगे।
केंद्र सरकार ने किसानों को मौसम की मार से बचाने के लिए योजना तैयार की है। कई राज्यों में किसानों को समय रहते मौसम के मिजाज की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। जिससे उनकी फसल या पशु धन को भारी नुकसान पहुंचता है। कई बार ऐसा होता है कि जब तक किसान को मौसम विभाग की सूचना मिलती है, तब तक उसकी फसल बर्बाद हो चुकी होती है। इसके लिए दो सौ जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की तरफ से स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसी योजना के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर और बागपत में इन केंद्रों की स्थापना हुई।
सूचना का किसान ले सकेंगे लाभ
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. गजेंद्र पाल ने बताया कि इस मौसम केंद्र से फसलों को मौसम की मार से काफी हद तक बचाया जा सकेगा। ये केंद्र किसान के लिए बहुत लाभदायक साबित होगा। वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी ने बताया किसान जिस इलाके में वे खेती करते हैं या पशु पालते हैं, वहां अगले पांच दिन में मौसम कैसा रहेगा, उन्हें ये सूचना समय रहते मिलेगी। इससे वे अपने कृषि कार्य में बदलाव कर सकते हैं। पशुओं के लिए चारा स्टॉक करना है या खेत में तैयार फसल को तेज बरसात से बचाने के लिए क्या करना है। केंद्र की मौसम वैज्ञानिक अंकिता नेगी ने बताया कि मौसम की जानकारी किसानों के पास किसान पोर्टल, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से पहुंचाई जाएंगी। केंद्र की स्थापना दिल्ली से आए इंजीनियर अजय सिंह राठी की देखरेख में की गई। मौसम कार्यालय मेरठ से ब्रजमोहन व रविशंकर मौजूद रहे।