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यमुना किनारे पहुंचते ही आंखों के सामने फिर घूमने लगा मौत का मंजर

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बागपत। नाव हादसे के शिकार नौ लोगों को जिला अस्पताल से छुट्टी मिल गई। पीड़ित पहले घर पहुंचे और इसके बाद सीधे यमुना नदी के किनारे पर पहुंच गए। हादसे को याद कर आंखें भर आई। पीड़ितों के घर दिनभर ढांढस बंधाने वालों का तांता भी लगा रहा।
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जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई कृष्णा देवी, सरिता, कृष्णा, नूर हसन, शहनाज, वरीसा, समीर, इरफाना उर्फ बानो और शाइना को दोपहर के समय छुट्टी मिल गई। शाइना की बेटी नसरीन की मौत हो जाने के कारण घर पर मातम पसरा रहा। शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो परिवार गमजदा हो गया। पुराना कसबा निवासी सरिता, नूर हसन और बानो समेत कई पीड़ित यमुना नदी के किनारे पर पहुंचे। राहत कार्य देखा, यहां खड़ी मौत की नाव को देखकर पीड़ित गमजदा हो उठे। नाव में सवार लोगों ने आपबीती सुनाई।
नशे में झूमते नाविक ने कहा, कुछ नहीं होगा
बागपत। यमुना नदी में नाव चलते ही लोगों ने नाविक को अधिक लोगों के बैठने और खतरे की आशंका जताई थी। नाव में सवार सरिता का कहना है कि ऐसा लग रहा था कि नाविक नशे में था। उसकी हालत ठीक नहीं थी। लोगों ने उसे खतरा जताया, लेकिन वह नहीं माना।
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मैने नाव को आते और पलटते हुए देखा
बागपत। पुराना कसबा निवासी प्रत्यक्षदर्शी आबिद ने कहा कि वह हादसे के वक्त यमुना के किनारे पर बैठा था। नाव किनारे के नजदीक थी। एकाएक पलट गई, जिस कारण चीख पुकार मच गई। उसने भी यमुना में छलांग लगाई, आसपास काम कर रहे लोग भी पहुंचे। नौ लोगों को निकाला गया। इसके अलावा नाविक तुरंत यमुना में कूदकर हरियाणा की ओर फरार हो गया था। आबिद से डीएम शकुंतला गौतम और एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने घटना की जानकारी ली।
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