बागपत। हरचंदपुर गांव के आरिश का शव मंगलवार रातभर घर में रखा रहा। बुधवार सुबह उसके पिता नदीम के मुंबई से वापस आने पर शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। आरिश और युवती के परिजनों ने कोतवाली में लिखकर दिया कि वे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
आरिश का शव सोमवार रात करीब दो बजे कमरे में फंदे पर लटका मिला था। उसके जीजा सलीम ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने आरिश की जबरन शादी कराई थी। तलाकनामा तैयार कराने को लेकर पंचायत में उसकी पिटाई भी की गई थी। सलीम का आरोप था कि इस पिटाई से क्षुब्ध होकर आरिश ने आत्महत्या कर ली। हालांकि इस मामले में कोतवाली में कोई तहरीर नहीं दी गई थी।
मंगलवार शाम पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव घर ले गए थे, लेकिन उसे सुपुर्द-ए-खाक नहीं किया। बुधवार सुबह पिता नदीम के गांव पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार किया गया। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि आरिश ने आत्महत्या की थी। उसके परिजनों ने कानूनी कार्रवाई करने से साफ मना कर दिया है।