बड़ौत तहसील में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते किसान यूनियन व किसान यूनियन तोमर के पदाधिकारी।
- फोटो : BARAUT
बड़ौत (बागपत)। लखीमपुर खीरी घटना के विरोध में सोमवार को भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पहले नगर में तहसील तक मार्च निकाला। यहां पर हंगामा-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
भाकपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिला सचिव राजेंद्र जैन के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से कार्यकर्ता मार्च के रूप में छपरौली चुंगी, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से होते हुए तहसील पहुंचे। यहां सरकार विरोधी नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। राजेंद्र जैन का कहना है कि लखीमपुर खीरी का जघन्य कांड किसानों के आंदोलन को कुचलने की सोची समझी साजिश थी। जिसे गृह राज्यमंत्री द्वारा प्लान किया गया था। उनका कहना था कि किसानों का आंदोलन कुचलने के लिए धमकी भरे वीडियो केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायकों के पूर्व में सामने चुके हैं। इसे लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा कहा जा सकता है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को इस मामले में तुरंत निलंबित कर देना चाहिए। लखीमपुर खीरी घटना की जांच हाईकोर्ट के जजों की देखरेख में कराए जाने की मांग की। यहां सुखपाल, धर्मवीर, प्रमोद, अलका, दीपा, सुनीता, बबीता आदि शामिल रहे।
कैंडल मार्च निकालेगी किसान यूनियन
किसान यूनियन के कार्यकताओं ने भी लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। बताया कि इसे लेकर 12 अक्तूबर को पालिका परिषद के गांधी पार्क से कैंडल मार्च शुरू किया जाएगा। यह मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए शहीद पथ तक पहुंचेगा। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन को तेज करने के लिए धरने प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। इस अवसर पर किसान नेता बलजोर आर्य, विक्रम आर्य, ब्रजपाल आदि शामिल रहे।