पहले हमारे स्कूल में कोरोना रोधीटीका लगाया गया था। हमें यह जानकारी नहीं थी कि अस्पताल में जाकर भी टीका लगवा सकते है। इसलिए ही इंतजार कर रहे थे कि जब स्कूल में टीका लगाया जाएगा, तभी लगवाएंगे। अब परिजनों के साथ अस्पताल में जाकर टीका लगवाएंगे, क्योंकि मैं इंतजार कर रहा था कि हमें भी टीका लगाया जाए। -नमन चौहान, बड़ौत रोड
हमारे स्कूल में परीक्षा चल रही थी। इस कारण टीका नहीं लगवाया है। स्कूल में पता किया तो वहां बताया कि अभी स्कूल में टीका लगवाने में वक्त लगेगा। इसलिए अस्पताल में जाकर टीका लगवाएंगे, जिससे कोरोना संक्रमण से बचाव हो सके। - काजल, पांडव रोड
मेरी उम्र 14 साल है और मेरे अभी तक परीक्षा चल रही थी। अब परीक्षा खत्म हो गई है और स्कूल में अगली कक्षा में जाने से पहले ही अस्पताल में जाकर टीका लगवाऊंगी। मैं इंतजार कर रही थी कि हमें भी कब टीका लगाया जाएगा। हम टीका लगवाने को लेकर उत्साहित है। - अस्मिता, कोर्ट रोड
सरकार ने 12-14 वर्ष की उम्र वालों को कोरोनारोधी टीका लगाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद कई दिनों तक काम में व्यस्त थे। अब कुछ राहत मिली है और बच्चों को टीका लगवाएंगे। मैं ही नहीं, बल्कि मोहल्ले के कई लोग अपने बच्चों को साथ लेकर जाएंगे और टीका लगवाएंगे। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका ही सबसे जरूरी है। -मुकेश, बड़ा बाजार
हमारे यहां पहले टीका लगवाने में कुछ लोग रुचि नहीं ले रहे थे। वे बच्चों को भी टीका नहीं लगवा रहे थे। इसके लिए पहले भी जागरूक किया गया था और सभी ने अपने साथ ही बच्चों को टीका लगवाया था। अब भी हम स्वास्थ्य विभाग का टीकाकरण में पूरा सहयोग करेंगे, जिससे कोई भी टीका लगे बिना नहीं रहे। - कुलदीप देव शर्मा, गायत्री पुरम