संवाद न्यूज एजेंसी
अग्रवाल मंडी टटीरी। मौलवी हाजी जहीर अहमद ने कहा कि एक एक रोजेदार के लिए 70-70 हजार फरिश्ते सुबह से शाम तक मगफिरत की दुआ करते हैं। जब पहला रोजा बंदा शुरू करता है तो अल्लाह आखिरी दिन तक के गुनाह को माफ फरमा देते हैं।
उन्होंने कहा कि मोमिन के हर नेक अमल का बदला 10 गुना ज्यादा से लेकर 700 गुना ज्यादा तक बढ़ाया जाता है। अल्लाह ने कहा कि रोजा मेरे लिए है। बंदा मेरी खुशी के लिए अपनी ख्वाहिश से अपना खाना पीना छोड़ता है। जिसने यह महीना पाया और वह अपनी मगफिरत नहीं करा सका तो उसके लिए सिवाय बर्बादी के कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि ईद के दिन अल्लाह बहुत बड़ा इनाम देते हैं। फरिश्ते भी सुबह से आवाज लगाते हैं कि आओ ईदगाह की तरफ अल्लाह बहुत बड़ा इनाम देने वाले है। यह आवाज इंसान को छोड़कर सभी को सुनती है, इसलिए हम सभी को इस महीने की कदर करनी चाहिए।