बड़ौत में दिल्ली बस स्टैण्ड़ पर बसों का इंतजार करती सवारियां।
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बड़ौत। रक्षाबंधन पर भाइयों को राखी बांधकर अपने घर लौटने वाली बहनों को बसों के अभाव के चलते काफी परेशानी उठानी पड़ी। बहनें स्टैंड पर घंटों तक बसों का इंतजार करती रहीं। इसके चलते परिवहन निगम के दावे हवाई साबित हुए। उन्हें दोगुना किराया देकर डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ा।
प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन पर्व पर परिवहन निगम की बसों में बहनों के लिए निशुल्क सफर की घोषणा की गई। इससे काफी संख्या में बहनें अपने भाइयों के राखी बांधने गईं। प्रदेश सरकार द्वारा बसों में बहनों के सफर को निशुल्क किए जाने व परिवहन व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए निगम ने बसों के नियमित संचालन के बड़े-बडे़ दावे किए थे। ये सब दावे हवाई साबित नजर आए। रक्षाबंधन पर्व पर भाई को राखी बांधने के बाद सोमवार को बहनें ससुराल लौटने लगीं तो उन्हें स्टैंड पर घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा। वहां मारामारी की यह स्थिति थी कि बस आकर रुकती तो यात्री उसकी ओर दौड़ पड़ते। बस के अंदर सीट कब्जाने की भी जद्दोजहद दिखी। कई यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा। बसों की कमी की सबसे ज्यादा समस्या छोटे रूट पर आई। इस संबंध में बड़ौत डिपो बस संचालन प्रभारी नरेंद्र मान का कहना है कि नियमित बसों के संचालन की पुख्ता व्यवस्था की गई है।